'काला चश्मा लगाकर जनता को गुमराह करने वाले, अब जाने वाले', अखिलेश का बीजेपी पर तंज

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "काला चश्मा लगाकर जनता को गुमराह करने वाले अब जाने वाले हैं, लौटकर नहीं आने वाले हैं।" सपा प्रमुख ने दावा किया कि प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले चुनावों में बीजेपी को जवाब देगी।

'काला चश्मा लगाकर जनता को गुमराह करने वाले, अब जाने वाले', अखिलेश का बीजेपी पर तंज
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नवजीवन डेस्क

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोपों की लंबी फेहरिस्त गिनाई। अखिलेश ने कानून-व्यवस्था, बुलडोजर कार्रवाई, आरक्षण, पीडीए वर्ग, पत्रकारों, अधिवक्ताओं, शिक्षामित्रों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और किसानों के मुद्दों को उठाते हुए सरकार को जनविरोधी बताया।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "काला चश्मा लगाकर जनता को गुमराह करने वाले अब जाने वाले हैं, लौटकर नहीं आने वाले हैं।" सपा प्रमुख ने दावा किया कि प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले चुनावों में बीजेपी को जवाब देगी।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कविता के माध्यम से लिखा, "काला चश्मा लगाकर आने वाले, अपने सच्चे मुकदमे हटवाने वाले। झूठे-फर्ज़ी मुक़दमे लगवाने वाले घमंड में रावण तक को हराने वाले। नमस्ते का भी संबंध न निभानेवाले, बुलडोज़र से घर-दुकान ढहाने वाले, बिजली-पानी के लिए सताने वाले, पत्रकार पर अपशब्द बरसाने वाले, ‘हाता नहीं भाता’ नीति चलाने वाले, वनस्पति-खोज में विदेश जाने वाले, अपना झूठा महाप्रचार करवाने वाले, अधिवक्ताओं पे लाठी चलवाने वाले...।"


उन्होंने कविता के जरिए आगे तंज कसते हुए कहा, "मणिकर्णिका का घाट तुड़वाने वाले, सत्ता सजातीय पे कृपा बरसाने वाले, सांप्रदायिकता का विष फैलाने वाले, ‘पीडीए’ पर घोर जुल्म करवाने वाले, आरक्षण पे अपनी कैंची चलाने वाले, शिक्षकों से भूसे का दान जुटाने वाले, झूठे आश्वासन पे शासन चलाने वाले, सबकी मांगों पर केवल टरकाने वाले, आशा-आंगनबाड़ी को भटकाने वाले, शिक्षामित्रों का मानदेय घटवाने वाले, संतो तक पर झूठे आरोप लगाने वाले, फर्ज़ी एनकाउंटर का राज चलानेवाले..।"

अपनी कविता का समापन करते हुए सपा प्रमुख ने लिखा, "अब हैं जाने वाले, लौटकर न आने वाले।" उन्होंने संकेत दिया कि जनता आगामी चुनावों में सत्ता परिवर्तन का फैसला करेगी। सपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और विभिन्न दल चुनावी रणनीति को धार देने में जुटे हैं।

 आईएएनएस के इनपुट के साथ