कोरोना के लिए धर्म विशेष को जिम्मेदार ठहराने पर अमेरिका की आपत्ति, कहा- अल्पसंख्यकों का नाम किया जा रहा खराब

ट्विटर पर #NizamuddinMarkaz, #TablighiJamat जैसे हैशटेग ट्रेंड को लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है। अमेरिका ने कहा है कि इस तरह के हैशटेग से ऐसा मालूम पड़ता है जैसे कि कोरोना वायरस अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा ही फैलाया गया हो।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

दुनियाभर में कहर बरपा रहा कोरोना की चपेट में लाखों की संख्या में लोग आ गए हैं। जबकि इस महामारी से मरने वालों की संख्या हजारों में है। भारत में भी इस भयानक वायरस का अच्छा खासा असर देखने को मिल रहा है, लेकिन अब इस वायरस से लड़ाई में धार्मिक मुद्दा भी शामिल हो गया है। वजह दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के लोगों के शामिल होना है। तब्लीगी जमात के धार्मिक सम्मेलन का मामला सामने आने के बाद माहौल पूरी तरह से बदल गया है।

फोटो : सोशल मीडिया
फोटो : सोशल मीडिया

इस मामले को एक अलग ही एंगल दिया जा रहा है, जो धर्म विशेष से जुड़ा है। इस मामले ने सोशल मीडिया में भी हैशटेग की बाढ़ ला दी है। ट्विटर पर #NizamuddinMarkaz, #TablighiJamat जैसे हैशटेग ट्रेंड कर रहे हैं। लेकिन अब इस हैशटैग को लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है। अमेरिका ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा है कि ऐसा लगता है कोरोना वायरस अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा ही फैलाया गया है। इस तरह का वाक्या काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। अमेरिका के विशेष राजदूत सैमुअल ब्राउनबैक ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'अमेरिकी प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे मामले देखे हैं जिसमें इस बीमारी के लिए अल्पसंख्यक समुदाय को आरोपित किया जा रहा है।'

फोटो : सोशल मीडिया
फोटो : सोशल मीडिया

लगातार सोशल मीडिया में ट्रेंड हो रहे हैशटेग को लेकर ब्राउनबैक ने कहा कि इस तरह के हैशटेग से ऐसा मालूम पड़ता है जैसे कि कोरोना वायरस अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा ही फैलाया गया हो। इस तरह का दुष्प्रचार कई इलाकों में किया जा रहा है जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को इस पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'सरकार को इस मामले में स्पष्ट करना चाहिए कि जमात के लोग कोरोना के श्रोत नहीं हैं। हम जानते हैं कि यह एक महामारी है जिससे पूरा विश्व जूझ रहा है। इसका धार्मिक अल्पसंख्यकों से कोई लेना देना नहीं है। लेकन दुर्भाग्य से मैं इस तरह का आरोप लगता देख रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि सरकार इस मुद्दे को संबोधित करेगी और लोगों के सामने सख्ती से अपनी बात रखेगी।' उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच कि ल्पसंख्यक समुदाय के लोग कोरोना फैला रहे हैं काफी चिंता का विषय है जो देश को भारी क्षति पहुंचाएगा।

फोटो : सोशल मीडिया
फोटो : सोशल मीडिया

गौरतलब है कि दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मरकज में 1 से 15 मार्च के बीच तबलीगी जमात के लोग हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसमें देश-विदेश के लोग भी शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में 2000 के करीब लोगों के हिस्सा लेने की बात कही गई है। इस मरकज में इकट्ठा हुए लोगों में से कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसे लेकर लोग कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। आपको ये भी बता दें, भारत में अबतक कोरोना वायरस के 2000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, इस महामारी ने अबतक 50 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।

लोकप्रिय