उधमपुर में कल रात होगा ब्लैक आउट, पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के बीच प्रशासन का मॉक ड्रिल

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिला प्रशासन ने 1 मार्च की शाम को मॉक ड्रिल के तहत ब्लैक आउट का आदेश दिया है। इस दौरान साइरन बजते ही पूरे शहर की सभी लाइटें बंद हो जाएंगी और जो जहां रहेगा, वहीं ठहर जाएगा।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को तबाह किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिला प्रशासन ने 1 मार्च की शाम को आधे घंटे के लिए पूरे शहर में ब्लैक आउट करने का फैसला लिया है। यह ब्लैक आउट किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए एक मॉक ड्रिल अभ्यास के तहत किया जाना है।

जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक यह ब्लैक आउट 1 मार्च की शाम साढ़े 8 बजे से 9 बजे के बीच होगा। उध्मपुर के जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि 1 मार्च की शाम 8.30 से 9 बजे के बीच किसी तरह के आवागमन से बचें। आदेश के अनुसार, “रात 8.30 बजे पहला सायरन बजते ही सभी तरह का आवागमन रोक दें। अगर कोई शख्स गाड़ी चला रहा है तो सायरन बजते ही जहां है, वहीं गाड़ी रोक दे और लाइट बंद कर दे। इस आधे घंटे के दौरान घर की सभी लाइटें और यहां तक कि इनवर्टर भी बंद रखें। और आधे घंटे बाद 9 बजे दूसरा सायरन बजने के बाद सभी लाइटें ऑन कर लें और जो लोग गाड़ियों पर हैं वे भी अपना सफर शुरू कर दें।”

उधमपुर में कल रात होगा ब्लैक आउट,  पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के बीच प्रशासन का मॉक ड्रिल

वहीं भारत-पाक सीमा पर तनाव को देखते हुए रजौरी जिले की पुलिस ने भी नागरिकों और अधिकारियों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। जिला पुलिस की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से जिले कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों समेत कई नागरिकों के पास अज्ञात नंबरों से ऐसे फोन आए हैं, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सेना, पुलिस और प्रशासन का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए सुरक्षा संबंधी कुछ अहम मुद्दों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार इन कॉल को एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये देश के बाहर से रूट किया गया, जिसकी वजह से मोबाइल स्क्रीन पर इन कॉल के नंबर +91 कोड से शुरू होते दिखते हैं।

राजौरी पुलिस ने कहा है कि पुलिस, प्रशासन या सेना का कोई अधिकारी सुरक्षा से जुड़े या अन्य किसी सूचना के बारे में पूछताछ करने के लिए सीधे लोगों या अधिकारियों को फोन नहीं करता है। पुलिस ने कहा, “इन परिस्थितियों में, सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि वे इस तरह के संदिग्ध कॉलर्स के साथ किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें और जैसे ही आपको पता चले कि कॉलर आपका जानने वाला नहीं है और कुछ अहम जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा है, तो फौरन कॉल को डिस्कनेक्ट कर दें। साथ ही, इसकी सूचना फौरन नजदीकी पुलिस थाने में या सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजौरी के कार्यालय को दें।”

गौरतलब है कि मंगलवार को भारत की ओर से की गई कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों ने बुधवार को भारत की सीमा में घुसने की कोशिश की जिसे भारतीय लड़ाकू विमानों ने नाकाम कर दिया। इस संघर्ष के दौरान पाकिस्तान का एक विमान जहां मार गिराया गया, वहीं भारत का एक लड़ाकू विमान भी इस संघर्ष में क्रैश हो गया औऱ उसका पायलट लापता हो गया। इस बीच पाकिस्तान ने दावा किया है कि वह पायलट उसकी हिरासत में है।

ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। सीमा पर रुक-रुक कर पाकुस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में किसी भी परिस्थिति से निपटने क लिए एयरफोर्स ने पूरी तैयारी की हुई है। और सामरिक दृष्टी से अहम माने जाने वाले उधमपुर और श्रीनगर के एयरबेस पर लड़ाकू विमानों को तैयार रखा गया है।

ऐसे में उधमपुर और राजौरी के सैन्य दृष्टी से अहम होने के कारण जिला प्रशासन और पुलिस के इस कदम को एहतेयात के तौर पर उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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