फैसले से पहले अयोध्या भूमि विवाद से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट-पोस्टर पर लगी रोक, शहर में धारा 144 पहले से है लागू

इससे पहले 13 अक्टूबर को अयोध्या में धारा 144 लगा दी गई थी। जिला अधिकारी अनुज झा के आदेश पर शहर में धारा 144 लगाई गई थी। अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट में पिछले महीने सुनवाई पूरी हुई थी।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या भूमि विवाद में फैसला आने से पहले हलचल तेज हो गई है। वहीं अयोध्या में प्रशासन मुस्तैद है। फैसला आने से पहले अयोध्या प्रशासन ने एक और बड़ा फैसला लिया है। अयोध्या के जिला अधिकारी के अनुज कुमार झा ने अयोध्या भूमि मामले आने वाले फैसले के मद्देनजर, अयोध्या भूमि मामले पर सोशल मीडिया संदेशों और पोस्टर पर प्रतिबंध लगा दिया है। डीएम के मुताबिक, सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़े इस बात को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है। जिला अधिकारी के अनुसार, यह आदेश 28 दिसंबर, 2019 तक लागू रहेगा। सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने से पहले अयोध्या को हाई अलर्ट पर रखा गया है। शहर में 10 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है।

इससे पहले 13 अक्टूबर को अयोध्या में धारा 144 लगा दी गई थी। जिला अधिकारी अनुज झा के आदेश पर शहर में धारा 144 लगाई गई थी। अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट में पिछले महीने सुनवाई पूरी हुई थी। इस महीने यानी 17 नवंबर से पहले इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। मौजूदा चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। एसे में 17 नवंबर तक इस मामले में फैसला आ जाएगा। मामले की सुनवाई 40 दिनों तक चली थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने साल 2010 अपने फैसले में अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ जमीन को राम लला, सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा के बीच बराबर-बराबर बांटने का फैसला सुनाया था। हाई कोर्ट के फैसले को एक पक्ष ने मानने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। 1858 से देश के सामाजिक-धार्मिक मामलों का अहम बिंदु रहा यह मुकदमा देश की सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक दशा और दिशा तय कर सकता है।

Published: 4 Nov 2019, 10:48 AM
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