केरल में आदिवासी युवक को पीट-पीटकर मार डालने पर राहुल गांधी ने जताई चिंता

स्थानीय आदिवासी समुदाय ने घटना के प्रति विरोध जताते हुए कहा था कि अगर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। जिसके बाद पुलिस ने 7 संदिग्धों में से 2 को गिरफ्तार कर लिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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आईएएनएस

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केरल में एक आदिवासी युवक को चोरी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डालने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर दुख जताया है।

22 फरवरी को हुई इस हिंसक घटना में शामिल युवक ने घटना से कुछ देर पहले सेल्फी खींच कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है।

फोटो: सोशल मीडिया
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आदिवासी युवक विनोद के साथ सेल्फी लेते हत्यारे

घटना के बाद ट्विटर पर एक व्यक्ति ने पोस्ट किया, "सीएमओ केरल...कृपया इस मामले में तत्काल कार्रवाई करें और दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा करें।"

पीड़ित युवक मधु की मां ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "कल (गुरुवार) मेरे बेटे को कुछ लोगों ने अट्टापड्डी-अगाली के समीप चोर कहकर पीटा। उसके बाद उसे पुलिस के हवाला कर दिया, जहां उसकी हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वह चोर नहीं था, बल्कि मानसिक रूप से अस्वस्थ था।"

पूरे घटना को मोबाइल से शूट किया गया और सोशल मीडिया पर डाल दिया गया।

अभिनेता-निर्देशक जॉय मैथ्यू ने जब इस घटना से का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, तब जाकर मुख्यमंत्री पिनरई विजयन समेत कई नेताओं ने घटना की निंदा की।

मैथ्यू ने कहा, "यह हाल के दिनों में एक प्रकार की फासीवादी मलयाली मानसिकता उभरी है और इसे रोकने की जरूरत है। अगर पुलिस सोशल मीडिया पर इसे साझा करने के लिए मुझे गिरफ्तार करना चाहती है, तो उन्हें ऐसा करने दीजिए।"

विजयन ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, "यह एक शिक्षित समाज के लिए और राज्य ने जिस तरह की प्रगति की है, उसके लिए सही तरीका नहीं है। मैंने राज्य पुलिस प्रमुख को इस मामले को देखने का निर्देश दिया है। जो भी इस घटना में संलिप्त हैं, उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए।"

स्थानीय आदिवासी समुदाय ने घटना के प्रति विरोध जताते हुए मांग किया था कि अगर घटना के पीछे शामिल लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे लोग विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। जिसके बाद 23 फरवरी को पुलिस ने हत्या में शामिल 7 आरोपियों में से 2 को गिरफ्तार किया।

राज्य के एससी-एसटी मंत्री एके बालन ने पत्रकारों से कहा, "जिन्होंने यह दावा किया है कि युवक चोर था, यह आरोप उनका है। राज्य सरकार काफी कड़ाई से इसकी जांच करेगी और जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।"

राज्य पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा ने कहा कि उन्होंने यह मामल त्रिसूर के पुलिस महानिरीक्षक को सौंप दिया है और जो भी इस घटना के पीछे है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

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Published: 23 Feb 2018, 4:29 PM