कर्नाटक में रणभूमि तैयार, BJP बचा पाएगी अपनी साख? 15 सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग कल

BJP और कांग्रेस ने सभी 15 विधानसभा सीटों, जबकि JD(S) ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जहां चुनाव त्रिकोणीय होने की संभावना है। 15 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के लिए 21,000 मतदान अधिकारी और करीब 19,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कर्नाटक के 15 विधानसभा क्षेत्रों में गुरुवार को होने वाले उपचुनाव की तैयारी पूरी हो गई है। उपचुनाव के नतीजे नौ दिसंबर को आएंगे, जिससे यह पता चलेगा कि इस दक्षिण राज्य में चार माह पुरानी बीजेपी सरकार बरकरार रहेगी या नहीं। चुनाव अधिकारी जी. जाडियप्पा ने यहां आईएएनएस से कहा, "राज्य के दक्षिणी और उत्तरपश्चिमी क्षेत्र में गुरुवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़े सुरक्षा उपाय समेत सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उपचुनाव यहां की 15 विधानसभा सीटों पर होंगे।"

उपचुनाव यहां की अठानी, कगवाड़, गोकक, येलापुर, हिरेकेरूर, रानीबेन्नूर, विजयनगर, चिकबेलापुर, केआर पुरा, यशवंतपुरा, महालक्ष्मी लेआउट, शिवाजीनगर, होसाकोटे, केआर पेटे, हुनसूर सीटों पर होंगे।

मुसकी (राइचुर जिला) और आरआर नगर(बेंगलुरू) के उपचुनाव पर कर्नाटक उच्च न्यायालय में मई 2018 विधानसभा चुनाव के नतीजे को लेकर दायर मुकदमे की वजह से रोक लगा दी गई है।

15 विधानसभा क्षेत्र में 38 लाख से ज्यादा मतदाता है, जिसमें 19.25 लाख पुरुष और 18.52 लाख महिलाएं हैं।

जाडियप्पा ने कहा, "15 विधानसभा क्षेत्रों के 884 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों सहित 4185 मतदाता केंद्रों पर मतदान होंगे।"

इन मतदान केंद्रों पर पूरे दिन के मतदान के लिए कुल 8,326 बैलेट यूनिट्स, 8,186 कंट्रोलिंग यूनिट्स और 7,876 वीवीपीएटी मौजूद रहेंगे। 15 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 165 उम्मीदवार खड़े हैं, जिसमें 126 निर्दलीय और नौ महिलाएं शामिल हैं।

बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस सभी 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि जेडी(एस) ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जहां चुनाव त्रिकोणीय होने की संभावना है।

बेलगावी जिले के अठानी, उत्तर कन्नड़ जिले के येलापुर और बेंगलुरू ग्रामीण जिले के होसाकोटे में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है।

बीजेपी ने चुनाव मैदान में कांग्रेस और जेडी(एस) छोड़कर आए क्रमश: 11 और तीन विधायकों को उतारा है। इन लोगों ने 14 नवंबर को सत्तारूढ़ पार्टी का दामन थामा था। सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर को अपने फैसले में इनकी अयोग्यता बरकरार रखते हुए इन्हें दोबारा चुनाव लड़ने की इजाजत दी थी। विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने 25 और 28 जुलाई को इन विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था।

इससे पहले 13 दिनों तक चले चुनाव अभियान का मंगलवार शाम एकाध घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण तरीके से समापन हो गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। सभी 15 विधानसभा क्षेत्रों में किसी भी तरह की अवांछित घटना से बचने और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।”

कुल मिलाकर इन 15 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के लिए 21,000 मतदान अधिकारी और करीब 19,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें राज्य पुलिस और केंद्रीय बल भी शामिल हैं।

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

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