प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी से मध्य प्रदेश बीजेपी में बगावत, पार्टी की बैठक में भाग नहीं ले रहे कई वरिष्ठ नेता

बीजेपी के स्थानीय नेता प्रज्ञा ठाकुर को प्रत्याशी बनाए जाने से खुश नहीं हैं। पार्टी के कैडर मौजूदा सांसद आलोक संजर पर साध्वी तरजीह दिए जाने को लेकर नाराज हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी ने भोपाल लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। लेकिन उनकी उम्मीदवारी को लेकर मध्यप्रदेश बीजेपी में बगावत की खबरें आ रही हैं। बीजेपी के स्थानीय नेता प्रज्ञा ठाकुर को प्रत्याशी बनाए जाने से खुश नहीं हैं। पार्टी के कैडर मौजूदा सांसद आलोक संजर पर साध्वी तरजीह दिए जाने को लेकर नाराज हैं। बीजेपी के स्थानीय नेता मौजूदा सांसद आलोक संजर को प्रत्याशी के तौर पर देखना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। शहीद हेमंत करकरे को लेकर दिए विवादित बयान के बाद तो प्रज्ञा ठाकुर का और विरोध होने लगा है।

खबर है कि नाराजगी की वजह से बीजेपी के कई स्थानीय पदाधिकारी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव प्रचार की रणनीति को लेकर हुई बैठक में भी शामिल नहीं हो रहे हैं। इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक बीजेपी को मजबूरन ऐसे नेताओं को नोटिस भेजना पड़ रहा है। इन लोगों से इस संबंध में कारण पूछा गया है। पार्टी इसे अनुशासनहीनता के रूप में देख रही है।

बता दें कि बीजेपी के कई नेता प्रज्ञा ठाकुर के बायन को लेकर खुलेआम विरोध जता चुके हैं। पूर्व विधायक पारुल साहू और चुनाव प्रबंधन समिति की सदस्य फातिमा रसूल उनके बायन को लेकर नाराजगी भी जाहिर कर चुकी हैं। वहीं फातिमा रसूल ने प्रज्ञा ठाकुर के लिए प्रचार करे से इनकार कर दिया है। साहू ने तो ट्विटर पर पार्टी हाईकमान से आग्रह किया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि चुनाव सेक्यूलर रहे। साहू ने एक प्रज्ञा ठाकुर वाले एक बयान पर न्यूजपेपर की रिपोर्ट को भी टैग किया था। वहीं मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी की एकमात्रा महिला उम्मीदवार रहीं फातिमा रसूल का कहना था कि वो प्रज्ञा ठाकुर के लिए प्रचार नहीं कर पाएंगी।

बता दें कि मालेगांव बम ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी ने भोपाल संसदीय क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है। प्रत्याशी बनाए जाने के बाद प्रज्ञा ठाकुर ने महाराष्ट्र एसटीएफ चीफ रहे शहीद हेमंत करकरे को लेकर एक विवादित बयान दिया था। प्रज्ञा ने कहा था कि हेमंत करकरे की मौत उनके श्राप की वजह से हुई है।

लोकप्रिय