BSP प्रमुख मायावती ने छोटे भतीजे पर खेला बड़ा दांव, ईशान आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक

वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके ईशान आनंद ने नई जिम्मेदारी के लिए मायावती का आभार जताते हुए कहा कि वह पार्टी और बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करेंगे।

BSP प्रमुख मायावती ने छोटे भतीजे पर खेला बड़ा दांव, ईशान आनंद को बनाया राष्ट्रीय संयोजक
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  • मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को बीएसपी में बड़ी जिम्मेदारी दी।

  • ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है।

  • ईशान से पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक थे।

  • ईशान आनंद ने कहा कि वह मायावती के निर्देशों और बताए रास्ते पर चलते हुए पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) में बड़ी जिम्मेदारी दी है। ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही बीएसपी ने उत्तर प्रदेश समेत आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अकेले दम पर मैदान में उतरने का फैसला दोहराते हुए संगठन और चुनावी तैयारियों को तेज करने का ऐलान किया है। बीएसपी प्रमुख मायावती ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय बैठक में कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत के लिए पूरी ताकत झोंकने का निर्देश दिया। इसी बैठक में उनके भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई। 

मयावाती ने भतीजे ईशान आनंद को दी बड़ी जिम्मेदारी 

बैठक का सबसे अहम राजनीतिक फैसला ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने का रहा। वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके ईशान आनंद ने नई जिम्मेदारी के लिए मायावती का आभार जताते हुए कहा कि वह पार्टी और बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करेंगे।


आकाश आनंद को दरकिनार किया गया

ईशान से पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक थे। हालांकि 3 सितंबर को मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया था। उन्होंने कहा था कि आकाश को अभी राजनीतिक तौर पर और परिपक्व होने की जरूरत है। इसके बाद 10 सितंबर को मायावती ने उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह अलग कर दिया।

मायावती दिए खास निर्देश 

बैठक में मायावती ने कहा कि आगामी चुनाव चाहे सीधे संघर्ष के हों, त्रिकोणीय हों या चतुष्कोणीय, बीएसपी को उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार सरकार और पूर्ण बहुमत के साथ दूसरी बार सत्ता हासिल करने के लक्ष्य पर केंद्रित रहना है। उन्होंने यूपी के साथ उत्तराखंड और पंजाब में भी पार्टी को अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारियों, मजबूत उम्मीदवारों के चयन और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने के निर्देश दिए।


मायावती ने बीजेपी पर साधा निशाना 

मायावती ने कहा कि रिश्तेदार संगठन में काम करना चाहें तो बिना किसी लोभ के कर सकते हैं, लेकिन पार्टी में जिम्मेदारी व्यक्तिगत पारिवारिक हित के आधार पर नहीं होनी चाहिए। बीएसपी प्रमुख ने बैठक में मिले फीडबैक के हवाले से बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत देश में गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन, पलायन और भ्रष्टाचार से जनता परेशान है और आम लोगों के लिए 'अच्छे दिन' की उम्मीद निराशा में बदल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के संकीर्ण, सामंती और जातिवादी रवैये के साथ-साथ धार्मिक आस्था से जुड़े विवादों तथा ब्राह्मण समाज में उपेक्षा और असुरक्षा की भावना के कारण पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है।

जिम्मेदारी मिलने के बाद ईशान आनंद ने क्या कहा?

ईशान आनंद ने कहा कि वह मायावती के निर्देशों और बताए रास्ते पर चलते हुए पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने डॉ. आंबेडकर और कांशीराम को नमन करते हुए कहा कि बहुजन समाज को अपने पैरों पर खड़ा करने के उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी। ईशान को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दिए जाने का फैसला ऐसे समय हुआ है जब बसपा संगठन में हाल के दिनों में बड़े बदलाव हुए हैं। मायावती ने इससे पहले आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से अलग किया था और ईशान को संगठन में नई जिम्मेदारी देने के संकेत दिए थे।

आईएएनएस के इनपुट के साथ