गांधी जयंती पर गोडसे के गुणगान पर कांग्रेस ने उठाया सवाल, पूछा- आखिर क्यों चुप है मोदी सरकार

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि आज इतिहास का पन्ना पटलने की कोशिश नहीं, बल्कि पूरा इतिहास दोबारा लिखने की कोशिश की जा रही है और इतिहास इस बात का गवाह है कि जिस-जिस हुकमरान ने देश का इतिहास दोबारा लिखने की कोशिश की है, उसके नतीजे अच्छे नहीं हुए हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

राष्ट्रपति महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे की सोशल मीडिया पर सराहना को लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है। शुक्रवार को कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि सरकार ऐसी गतिविधियों के पीछे मौजूद लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?

कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि इस तरह की पोस्ट ऐसे समय की जा रही हैं जब देश राष्ट्रपिता की 150वीं जयंती मना रहा है। मनीष तिवारी ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि गांधी जयंती के दिन सोशल मीडिया पर 'नाथूराम अमर रहे' ट्रेंड कर रहा था। उन्होंने कहा, “ये लोग कौन हैं? ये ताकतें कौन हैं? इसके पीछे कौन हैं जो गांधीजी की हत्या पर खुशी मनाकर उनका अपमान करना चाहते हैं? सरकार क्यों नहीं इस मामले का खुद से संज्ञान ले रही है?”

मनीष तिवारी ने सरकार से यह भी पूछा कि जिन्होंने इस तरह के संदेशों को पोस्ट किया है, सरकार उन पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जबकि सरकार सोशल मीडिया से अपमानजनक और निंदात्मक सामग्री हटाने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों को दिशानिर्देश देने में अतिसक्रिय रहती है। उन्होंने कहा, "हम मांग करते हैं कि जो भी राष्ट्रपिता का अपमान कर रहा है, उसे जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।"

मनीष तिवारी ने कहा कि ये बहुत ही चिंता का विषय है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इसकी जांच करेगी कि ऐसी कौन सी शक्तियां हैं, जो महात्मा गांधी के हत्यारे के संदर्भ में ये बात कह रहे थे कि नाथूराम गोडसे अमर रहे? सरकार ने अभी तक इस चीज का संज्ञान क्यों नहीं लिया?

मनीष तिवारी ने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश के बहुत ही विचित्र हालात बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि चेन्नई में प्रधानमंत्री का वक्तव्य लाइव नहीं चलाने पर दूरदर्शन के एक अधिकारी को निलंबित कर दिया जाता है। उत्तर प्रदेश में एक डॉक्टर जिसे 8 महीने जेल में रखने के बाद जब एक जांच समिति पूरी तरह से उन्हें निर्दोष पाती है, तो उसके ऊपर एक और जांच बैठा दी जाती है। देश के नामी बुद्धिजीवी जब प्रधानमंत्री को मॉब लिंचिंग के खिलाफ खत लिखते हैं तो उनके ऊपर फौजदारी की कार्यवाही दर्ज कर दी जाती है।

उन्होंने पूछा, “ये मुल्क किस तरफ जा रहा है? देश के लोगों को इस चीज को बहुत गंभीरता से संज्ञान में लेना चाहिए, इस पर सोचना चाहिए कि पिछले 4 महीने में जबसे ये एनडीए-बीजेपी की सरकार बनी है, ये देश किस तरफ जा रहा है?”

कांग्रेस नेता ने कहा कि इतिहास का पन्ना पटलने की कोशिश नहीं की जा रही है, बल्कि इतिहास को दोबारा लिखने की कोशिश की जा रही है और जिस-जिस हुकमरान ने देश का इतिहास दोबारा लिखने की कोशिश की है, उसके परिणाम अच्छे नहीं हुए हैं। इतिहास इस बात का गवाह है। समय जरूर लगता है, पर समय आ जाता है और जो देश की बुनियाद है, जिस विचार पर इस देश की संरचना की गई है, अगर कोई उसको तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश करता है, तो ना ही लोग, ना आवाम और ना ही इतिहास उसको माफ करता है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Published: 4 Oct 2019, 8:15 PM
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