कांग्रेस का PM से सवाल- पश्चिम एशिया संकट पर कूटनीतिक पहल के लिए ब्रिक्स सम्मेलन को आगे क्यों नहीं बढ़ा रहे ‘विश्वगुरु’?
जयराम रमेश ने कहा, ‘‘‘स्वयंभू विश्वगुरु’ पश्चिम एशिया में संकट और उसके प्रभावों से निपटने के लिए इस शिखर सम्मेलन को समय से पहले आयोजित करने की राजनयिक पहल क्यों नहीं कर रहे हैं?

कांग्रेस ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और सवाल किया कि ‘‘स्वयंभू विश्वगुरु’’ इस संकट का समाधान करने के लिए ‘ब्रिक्स+’ शिखर सम्मेलन का आयोजन समय से पहले करने की राजनयिक पहल क्यों नहीं कर रहे हैं।
इस शिखर सम्मेलन का आयोजन इस साल के आखिर में प्रस्तावित है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘18वां वार्षिक ब्रिक्स+ शिखर सम्मेलन इस वर्ष के अंत में भारत की अध्यक्षता में नयी दिल्ली में होगा। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात इसके सदस्य हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘‘स्वयंभू विश्वगुरु’ पश्चिम एशिया में संकट और उसके प्रभावों से निपटने के लिए इस शिखर सम्मेलन को समय से पहले आयोजित करने की राजनयिक पहल क्यों नहीं कर रहे हैं? स्पष्ट रूप से वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करने के लिए विदेशी नेताओं को कथित तौर पर फोन कर रहे हैं। संचार के इस तरीके की अपनी सीमाएं हैं, इसमें गले मिलने, हाथ हिलाकर बात करने और ज्ञान देने वाली तस्वीरें खिंचाने का मौका नहीं है। लेकिन शिखर सम्मेलन अधिक सार्थक हो सकते हैं और आमने-सामने की अहम बातचीत के अलावा ठोस कदम भी उठा सकते हैं।"
रमेश ने दावा किया कि इस वर्ष जी-20 का नेतृत्व अमेरिका कर रहा है और इससे कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा, सिवाय अमेरिकी राष्ट्रपति के और अधिक बयानबाजी और कटाक्ष करने के।
‘ब्रिक्स+’ दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका तथा कई अन्य देशों का एक अंतरराष्ट्रीय समूह है।
पीटीआई के इनपुट के साथ