कोरोना को लेकर बड़ा खुलासा, देश में अप्रैल से ही हो रहा वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन, लेकिन मोदी सरकार कर रही इनकार!

मोदी सरकार भले ही कह रही हो कि देश में कोरोना वायरस का अभी कम्युनिटी ट्रांसमिशन/कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हो रहा है, लेकिन सामुदायिक स्तर पर इस वैश्विक महामारी का प्रसार अप्रैल, 2020 से ही देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहा है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मोदी सरकार भले ही कह रही हो कि देश में कोरोना वायरस का अभी कम्युनिटी ट्रांसमिशन/कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हो रहा है, लेकिन सामुदायिक स्तर पर इस वैश्विक महामारी का प्रसार अप्रैल, 2020 से ही देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहा है। यह खुलासा पिछले हफ्ते जारी किए गए Ministry of Health and Family Welfare के एक पेपर से हुआ है।

अंग्रेजी न्यूज पोर्टल 'द प्रिंट' के मुताबिक इसी चार जुलाई को ‘Guidance for General Medical and Specialised Mental Health Care Settings’ नाम से जारी दस्तावेज में कहा गया, “इसके प्रकाशन के समय (अप्रैल 2020 की शुरुआत में) भारत कोरोना के सीमित कम्युनिटी स्प्रेड की स्टेज में है और किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं है कि कैसे यह महामारी फैल रही है।“

कोरोना को लेकर बड़ा खुलासा, देश में अप्रैल से ही हो रहा वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन, लेकिन मोदी सरकार कर रही इनकार!

हैरानी की बात यह है कि इस गाइडेंस डाक्यूमेंट में कोरोना स्प्रेड/ट्रांसमिशन को लेकर जो बात कही गई है, वह केंद्र सरकार के बिल्कुल उलट है। ऐसा इसलिए, क्योंकि 11 जून, 2020 को कोरोना वायरस पर आखिरी सरकारी प्रेस ब्रीफिंग में 65 जिलों में किए गए पहले चरण के Sero Survey के नतीजे जारी करते हुए ICMR के डीजी डॉ.बलराम भार्गव ने कम्युनिटी में कोरोना के प्रसार की बात को सिरे से खारिज कर दिया था।

उन्होंने कहा था- ऐसे बड़े देशों में मौजूदा फैलाव बहुत कम है। छोटे जिलों में तो यह एक फीसदी से भी कम है, जबकि शहरों और कंटेनमेंट जोन्स में यह थोड़ा अधिक है। ऐसे में भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन तो बिल्कुल भी नहीं है। सेरो सर्वे के मुताबिक, तब तक देश की 0.73 फीसदी आबादी संक्रमित हुई थी।

अंग्रेजी न्यूज साइट ने जब स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता से इस रिपोर्ट के बारे में पूछने के लिए फोन किया, तब उनकी बात मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार निलंबुज सरण से हुई। वह इसके अलावा मेंटल हेल्थ से जुड़े विभाग का काम भी देखते हैं, पर उन्होंने जवाब देने से इन्कार कर दिया।

कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल केंद्र सरकार पर कोरोना से संबंधित सही रिपोर्ट न देने के आरोप लगाते रहे हैं। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी तो शुरू से ही मोदी सरकार पर कोरोना को लेकर लापरवाही बरतने की बात करते रहे हैं। हालांकि हर बार सरकार की तरफ से कम्युनिटी ट्रांसमिशन से साफ इनकार कर दिया गया। लेकिन गाइडेंस डाक्यूमेंट में कोरोना स्प्रेड/ट्रांसमिशन को लेकर जो बात कही गई है, वह केंद्र सरकार के बिल्कुल उलट है।

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