योगी राज में दलितों पर अत्याचार का अड्डा बना यूपी? हाथरस में दलित लड़की से सामूहिक दुष्कर्म, आईसीयू में भर्ती

उत्तर प्रदेश में एक 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ ऊंची जाति के चार लोगों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की घटना सामने आई है। आरोपियों ने पीड़िता का गला घोंटने की भी कोशिश की।

प्रतीकात्मक तस्वीर
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आईएएनएस

उत्तर प्रदेश में एक 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ ऊंची जाति के चार लोगों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की घटना सामने आई है। आरोपियों ने पीड़िता का गला घोंटने की भी कोशिश की। पीड़िता को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में आईसीयू में भर्ती कराया गया है। हालांकि पीड़िता ने घटना के बाद के दिनों में पुलिस को अपना बयान दर्ज करा दिया था और उसने कहा कि 14 सितंबर को जब वह जानवरों के लिए चारा इकट्ठा करने गई थी, तब ऊंची जाति के चार पुरुषों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

इससे पहले पीड़िता के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास और एससी / एसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत संदीप के तौर पर पहचाने गए एक आरोपी पर मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पुरानी दुश्मनी को लेकर लड़की को मारने की कोशिश की थी।

लड़की के बयान के बाद मंगलवार को एफआईआर में दुष्कर्म के आरोप जोड़े गए और तीन और लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हाथरस के एसपी विक्रांत वीर ने कहा, "एक और आरोपी को पकड़ लिया गया है और अन्य को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

एडिशनल एसपी प्रकाश कुमार ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 161 के तहत लड़की का बयान जांच अधिकारी द्वारा पहले दर्ज नहीं किया गया था, क्योंकि लड़की को हाथरस जिला अस्पताल से अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रेफर करने के बाद वह आईसीयू में थी। उन्होंने कहा कि चार्जशीट जल्द ही दाखिल की जाएगी।


उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष दीपक कुमार ने पीड़िता से मुलाकात की और आरोप लगाया कि परिवार को आरोपी के साथ-साथ पुलिस द्वारा धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और पार्टी के राज्य प्रमुख अजय कुमार लल्लू को इस मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट देंगे।

पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए बुधवार को हाथरस पहुंचे कांग्रेस नेता श्योराज जीवन वाल्मीकि ने बयान दर्ज करने में देरी के लिए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, साथ ही कहा कि दलित समुदाय के सदस्यों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Published: 24 Sep 2020, 1:00 PM
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