एन-32 विमान हादसा: शहीदों के पार्थिव शरीर को लाया गया पालम एयरपोर्ट, नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि

हिमाचल प्रदेश में वायुसेना ने दुर्घटना के 18 दिन बाद गुरुवार को 6 वायुसेना कर्मियों के शवों और 7 के अवशेषों को बरामद किया था। इसके बाद इन अवशेषों को असम के जोरहाट लाया गया और जोरहाट से पार्थिव शरीर और अवशेषों को जवानों के पैतृक गांव भेजा गया।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अरुणाचल प्रदेश में तीन जून को एएन-32 हादसे में मारे गए 13 में से 5 वायु सैनिकों को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी। यहां पालम टेक्नीकल क्षेत्र में आयोजित समारोह में एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ भी मौजूद थे। गुरुवार को ईस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, एयर मार्शल आर डी माथुर ने जोरहाट में एक श्रद्धांजलि समारोह में वायु सेना के कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।

वहीं वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर एच विनोद के पार्थिव शरीर को कोयंबटूर के सुलूर लाया गया है। 3 जून को अरुणाचल प्रदेश में एन-32 विमान हादसे वे उनकी भी जान चली गई थी। वायुसेना ने दुर्घटना के 18 दिन बाद गुरुवार को 6 वायुसेना कर्मियों के शवों और 7 के अवशेषों को बरामद किया था। इसके बाद इन अवशेषों को असम के जोरहाट लाया गया और जोरहाट से पार्थिव शरीर और अवशेषों को जवानों के पैतृक गांव भेजा गया।

एक अधिकारी ने बताय, “इससे पहले 11 जून को विमान का मलबा एक दूरदराज इलाके में दिखा था, तभी से घटनास्थल पर पहुंचने और शवों को बरामद करने की कोशिश की जा रही थी।” विमान में वायुसेना के 13 कर्मी सवार थे और विमान असम से अरुणाचल प्रदेश जा रहा था।

एनएन-32 विमान की खोज के लिए सुखोई, एमआई-17, पी-8 आई को खोजने के लिए लगाया गया था। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश पुलिस, आईटीबीपी और स्थानीय लोगों की भी मदद ली गई थी। यहां तक कि लापता विमान की जानकारी देने वालों को पांच लाख रुपये इनाम की घोषणा भी की गई थी। कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद एन-32 के विममान के मलबे को ढूंढा जा सका था।

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