दिल्ली कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री पुरी से की मुलाकात, कई मुद्दों पर सौंपा ज्ञापन

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली की समस्याओं के संबंध में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा है।

फोटो: IANS
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आईएएनएस

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली की समस्याओं के संबंध में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा है। दिल्ली कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में शहरी विकास मंत्री से जानकारी मांगी है कि, राजधानी में नई आबकारी नीति के तहत नान कन्फमिर्ंग क्षेत्रों में शराब के ठेके खोलने से पहले क्या केजरीवाल की दिल्ली सरकार ने डीडीए और संबधित निगम से मंजूरी ली थी? इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, प्रदेश कांग्रेस कम्यूनिकेशन विभाग के चैयरमेन अनिल भारद्वाज, पूर्व विधायक विजय लोचव और हरी शंकर गुप्ता सहित प्रदेश उपाध्यक्ष अली मेंहदी शामिल रहे।

इस दौरान दिल्ली कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि, दिल्ली सरकार नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार कर रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए। वहीं 18 विधानसभाओं में नई आबकारी नीति से पहले केवल 5 शराब के ठेके थे और नई शराब नीति लागू होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 216 होगी।

इसके अलावा मास्टर प्लान 2021 और ड्राफ्ट मास्टर प्लान 2041 में रिहायशी क्षेत्रों शराब के ठेके खोलने पर प्रतिबंध है, फिर किन कारणों अथवा किस दवाब में केजरीवाल सरकार ने रिहायशी क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दी ?


दिल्ली कांग्रेस ने दिल्ली सरकार की नई शराब नीति का विरोध करते हुए मांग की है कि, नई नीति के तहत दिल्ली में खुलने वाले शराब के ठेकों के मामले में केन्द्र सरकार जांच करे।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि, कालकाजी में भूमिहीन कैम्प, नवजीवन कैम्प और नेहरु कैम्प के जेजे क्लस्टर वालों के लिए तीन चरणों में डीडीए की 8064 फ्लैट बनाने की योजना थी और पहले चरण में 3000 फ्लैट ही बनकर तैयार हुए, लेकिन लम्बे वक्त बाद मौजूदा दिल्ली सरकार की असंवेदनशीलता के कारण गरीबों के लिए बनने वाले प्रोजेक्ट अधर में लटके हैं।

उन्होंने आगे कहा कि, जहां झुग्गी वहीं मकान के नारे को प्रधानमंत्री सार्वजनिक मंचों पर बुलंद कर रहे हैं, केन्द्र सरकार अपने वायदे को पूरा करे।

दिल्ली कांग्रेस के मुताबिक, प्रतिवेदन में मांग की गई कि सरकार बन चुके फ्लैटों को अविलम्ब आंवटित करे तथा मुफ्त अलॉटमेंट करके पति-पत्नी को संयुक्त से मालिक बनाए और डीडीए 20 वर्षो तक रखरखाव शुल्क खुद वहन करे। वहीं कैम्पस में 2 स्कूल, धार्मिक स्थान और खेल का मैदान भी सरकार सुनिश्चित करे।

दिल्ली कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि, केन्द्र और दिल्ली सरकार दिल्ली में तैयार मकानों को गरीबों को देने की बजाय उन्हें किराए पर देने की योजना है, उस पर सरकार पुर्नविचार करे।


दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार ने केन्द्र सरकार द्वारा रेलवे लाइन के नजदीक बसी 48,000 झुग्गियों को तोड़ने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ज्ञापन में कहा कि, झुग्गीवासियों के हितों में सरकारी वकीलों ने कोर्ट के सामने सही दावे और पक्ष नहीं रखे। रेलवे ट्रैक के नजदीक बसी झुग्गियों को उजाड़ने से बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने जनहित याचिका दर्ज करके झुग्गियों को तोड़ने पर तत्काल रोक लगवाई।

उन्होंने पूछा कि, 48000 हजार झुग्गियों के वैकल्पिक आवास की व्यवस्था के संबंध में शहरी विकास मंत्रालय के संबंधित विभाग की क्या योजना है, सरकार संबंधित जानकारी को सार्वजनिक करे।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने आश्वासन दिया है कि, इन मांगों पर गंभीरता से गौर किया जाएगा और उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाई मांगों पर अपनी सहमति भी जताई है।

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