बरेली से दिल्ली के लिए सीधी हवाई यात्रा शुरू, पायलट पूनम यादव ने भरी पहली उड़ान

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बरेली एयरपोर्ट की शुरुआत भी यादगार बन गई। एलायंस एयर के 72 सीटर प्लेन पर बरेली से दिल्ली की पहली उड़ान भरने वाली पायलट पूनम यादव से लेकर इंजीनियर, सुरक्षाकर्मी और सभी क्रू मेंबर्स महिलाएं थीं।

फोटो: मुशाहिद रफत
फोटो: मुशाहिद रफत
user

मुशाहिद रफत

हवाई यात्रा नेटवर्क से किसी भी शहर का जुड़ जाना सचमुच खुशी की बात है। इस लिहाज से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बरेली एयरपोर्ट की शुरुआत भी यादगार बन गई। एलायंस एयर के 72 सीटर प्लेन पर बरेली से दिल्ली की पहली उड़ान भरने वाली पायलट पूनम यादव से लेकर इंजीनियर, सुरक्षाकर्मी और सभी क्रू मेंबर्स महिलाएं थीं। दिल्ली से आने वाली फ्लाइट सुबह लगभग 10.30 बजे बरेली एयरपोर्ट पहुंची। बरेली से इसी विमान ने दोपहर 12.18 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी। अब सप्ताह में चार दिन बरेली-दिल्ली-बरेली फ्लाइट्स मिलेंगी। अप्रैल के अंत तक और मई की शुरुआत में क्रमशः मुंबई और बंगलूरु की उड़ानें भी शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद लखनऊ और प्रयागराज की फ्लाइट्स का नंबर आएगा।

लगभग 24 साल लंबा इंतजार

मायावती ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहते हुए 23 अगस्त, 1997 को बरेली में गौतमबुद्ध नागरिक उड्डयन टर्मिनल का शिलान्यास एयरफोर्स के त्रिशूल एयरबेस के पास किया था। एयरपोर्ट के लिए 14 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत न हो पाने के कारण निर्माण अटका रहा। फिर सपा सरकार के दौर में जमीन का अधिग्रहण किया गया। लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान बरेली में आचार संहिता लागू होने से चंद घंटे पहले 10 मार्च 2019 को बरेली एयरपोर्ट टर्मिनल की बिल्डिंग का उद्घाटन हुआ। तब भाजपा नेताओं का हुजूम उद्घाटन समारोह में उमड़ पड़ा था।


तत्कालीन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने मुंबई से टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया था। बरेली से सांसद और केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और उत्तर प्रदेश के उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी भी मौजूद रहे थे। तब जनता से वादा किया गया था कि लगभग एक महीन बाद 15 अप्रैल 2019 से फ्लाइट्स शुरू हो जाएंगी। यहां तक बता दिया गया था कि जेट एयरवेज की ओर से प्रस्ताव भी आ चुका है। बहरहाल, तब से लेकर अब तक कभी विमानन कंपनियों के आगे न आने से और कभी बिजलीघर न बनने जैसी कमियों ने पहली फ्लाइट को इतना डिले करा दिया।

फोटो: मुशाहिद रफत
फोटो: मुशाहिद रफत

पहले दिल्ली से बरेली पहुंची फ्लाइट

तकनीकी रूप से यह इस रूट की दूसरी फ्लाइट है। दरअसल, एलायंस एयर के विमान ने सुबह लगभग 10 बजे दिल्ली से बरेली एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी। इस पहली फ्लाइट में बरेली से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और आंवला से सांसद धर्मेंद्र कश्यप सहित कई बीजेपी विधायक मौजूद थे। एलायंस एयर के इतिहास में यह पहली ऑल-वीमेन क्रू फ्लाइट रही यानि पायलट सहित पूरे क्रू में केवल महिलाओं ही थीं। यह फ्लाइट लगभग 10.30 बजे बरेली पहुंची।

फोटो: मुशाहिद रफत
फोटो: मुशाहिद रफत

बरेली एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड होते ही वॉटर कैनन सैल्यूट दिया गया। हवाई पट्टी के दोनों ओर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने कुछ इस तरह पानी की बौछार की जिससे एक आर्च जैसा बन गया। पानी के इस खूबसूरत आभासी द्वार से फ्लाइट का स्वागत देखने को लेकर एयरपोर्ट पर मौजूद लोग काफी उत्साहित नजर आए। बरेली में प्रदेश के उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने दिल्ली से आने वालों का स्वागत किया। इस मौके पर एयरपोर्ट को खूब सजाया गया। दीवारों पर फ्रेम में जरी-जरदोजी की साड़ियां फ्रेम करके लगाई गई हैं। इसके अलावा "झुमका गिरा रे..." गाने से मशहूर हुए झुमके की कई तस्वीरें भी फ्रेम्स में लगी हैं।

फोटो: मुशाहिद रफत
फोटो: मुशाहिद रफत

बरेली एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का आठवां नागरिक हवाई अड्डा बन गया है। अब तक लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, हिंडन, आगरा और प्रयागराज में ही सिविल एयरपोर्ट थे। बरेली में सिविल एन्क्लेव के निर्माण पर 83 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अतिरिक्त एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त में उपलब्ध कराई गई 35 एकड़ जमीन और बिजली मुहैया कराने के लिए 9.8 करोड़ रुपये का खर्च हुआ है। चूंकि बरेली एयरपोर्ट को क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ के तहत शुरू किया गया है, इसलिए संचालन को सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई तरह की छूट दी जाएगी यानि 50 फीसदी से कम यात्री होने पर खर्च के अंतर का भार दिया जाएगा, चार हजार यूनिट तक बिजली मुफ्ती दी जाएगी, 10 साल तक एविएशन टर्बाइन फ्यूल (तेल) पर वैट नहीं लिया जाएगा और सुरक्षा और अग्निशमन सेवाएं मुफ्त दी जाएंगी।

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia