'मोदी सरकार ने ‘काम के अधिकार’ का गला घोंटा, मजदूर दर-दर भटकने को मजबूर', कांग्रेस अध्यक्ष ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘जी राम जी’ अधिनियम अभी तक लागू नहीं किया गया है और मजदूरों को उनके हाल पर दर-दर भटकने के लिए छोड़ दिया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया में आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा के स्थान पर लाए गए ‘विकसित भारत - जी राम जी’ अधिनियम को अब तक लागू नहीं किया और ऐसे में मजदूर दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
उन्होंने एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट का उल्लेख किया और कहा कि पहले की तुलना में 67 लाख कम मजदूरों को रोजगार मिला है।
खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म करने से पहले ही ‘काम के अधिकार’ का गला घोंटकर, करोड़ों गरीब लोगों को प्रताड़ित किया। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 44 लाख कम परिवारों को काम मिला, 67 लाख कम मजदूरों को रोजगार मिला।"
उन्होंने दावा किया कि 100 दिन का रोजगार पाने वाले परिवारों की संख्या 40.5 प्रतिशत घटी और हर मनरेगा परिवार को औसतन 1,221 रुपये की आय का नुकसान हुआ
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘जी राम जी’ अधिनियम अभी तक लागू नहीं किया गया है और मजदूरों को उनके हाल पर दर-दर भटकने के लिए छोड़ दिया गया है।
खड़गे ने कहा कि एक तरफ बीजेपी सरकार राज्यों के करोड़ों रुपये बकाया रखे हुए है, वहीं दूसरी तरफ नये अधिनियम में 40 प्रतिशत वित्तीय भार राज्यों पर डाल दिया गया है, जो पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि चुनिंदा पूंजीपतियों की मित्र, बीजेपी सरकार पूरी तरह गरीबों का हक खत्म करने में लगी है और यही उनके गरीबों के प्रति असली नीति और नीयत को उजागर करता है।
