'महिला आरक्षण सिर्फ मुखौटा, परिसीमन के जरिये खुद को सशक्त बनाना बीजेपी का असली मकसद', डिंपल यादव का आरोप
डिंपल यादव ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी 2023 में महिला आरक्षण विधेयक लेकर आई तो उसकी सरकार पूर्ण बहुमत से सहयोगियों के भरोसे हो गई और अब वह दोबारा यह विधेयक लेकर आई है तो 2029 में उसकी सरकार जाने वाली है।

समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) महिला आरक्षण का मुखौटा पहनकर परिसीमन के जरिये खुद को सशक्त बनाना चाहती है।
उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए यह दावा भी किया कि सरकार विधेयक को लेकर जल्दबाजी दिखा रही है क्योंकि वह जाति जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन नहीं चाहती।
डिंपल ने कहा, ‘‘सपा चाहती है कि इसमें ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी अलग से आरक्षण मिले...।’’
सपा सांसद ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जाति जनगणना के आंकड़े सामने आने से पहले, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी 2023 में महिला आरक्षण विधेयक लेकर आई तो उसकी सरकार पूर्ण बहुमत से सहयोगियों के भरोसे हो गई और अब वह दोबारा यह विधेयक लेकर आई है तो 2029 में उसकी सरकार जाने वाली है।
डिंपल ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर आरोप लगाया, ‘‘आप महिला आरक्षण का मुखौटा पहने हुए हैं और परिसीमन से अपने आप को सशक्त करना चाहते हैं।’’
पीटीआई के इनपुट के साथ