लोकतंत्र के पन्ने: 1971 लोकसभा चुनाव, जब इंदिरा गांधी ने पहली बार दिया गरीबी हटाओ का नारा 

1971 चुनाव दो नारों की वजह से भी याद किया जाता है। अपनी चुनावी सभा में इंदिरा गांधी जहां ‘गरीबी हटाओ’ का नारा देतीं थीं, वहीं उनके विरोधी ‘इंदिरा हटाओ’ की मुहिम चला रहे थे। इस पर इंदिरा गांधी अपनी रैलियों में ये कहना नहीं भूलती थीं कि वो कहते हैं ‘इंदिरा हटाओ’ और हम कहते हैं ‘गरीबी हटाओ’।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

पांचवी लोकसभा चुनाव 1971 में कराए गए। इस लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी ने कांग्रेस को बंपर जीत दिलाई। 1971 का लोकसभा चुनाव सिर्फ और सिर्फ इंदिरा गांधी के नाम था। पहली बार इंदिरा गांधी अपने बल पर सत्ता में आईं। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार सीटों में भी भारी इजाफा हुआ। वो भी तब जब सिंडिकेट उनके खिलाफ गठबंधन बनाकर लड़ी। इतना ही नहीं पार्टी के कई बड़े नेता भी उनके विरोध में खड़े थे, लेकिन इंदिरा गांधी को नुकसान पहुंचाने में नाकाम रहे। कांग्रेस पार्टी ने 1971 आम चुनाव में 518 में से 352 सीटें जीती थी।

यह पहली बार था जब लोकसभा चुनाव, विधानसभा के चुनावों से पहले कराए गए। दरअसल, इंदिरा गांधी जब से प्रधानमंत्री बनी थीं, कांग्रेस में फूट की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। इंदिरा गांधी पार्टी पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती थीं। लेकिन कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को ये मंजूर नहीं था। राष्ट्रपति के मुद्दे पर भी पार्टी और इंदिरा के बीच मतभेद पैदा हो चुका था। पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीलम संजीवा रेड्डी थे, जबकि इंदिरा गांधी ने वीवी गिरी को अपना समर्थन दिया। आखिरकार वीवी गिरी की ही जीत हुई।

इंदिरा गांधी अपने विरोधियों पर भारी पड़ने लगीं थीं। पार्टी में उनके खिलाफ के भी कई लोग थे। आखिरकार पार्टी दो फाड़ हो गई। इंदिरा गांधी ने इंदिरा कांग्रेस पार्टी बनाकर चुनाव में उतरने का फैसला किया।

इस चुनाव में इंदिरा गांधी ने 36 हजार मील दूरी तय की और 300 संभाओं को संबोधित किया। उन्होंने इस चुनाव में दिन-रात एक कर दिया। उनकी मेहनत रंग लाई गरीबों, भूमिहीनों और मुसलमानों ने इंदिरा कांग्रेस को जमकर वोट दिया। लोकसभा की 518 सीटों के लिए हुए चुनाव में इंदिरा कांग्रेस को 352 सीटों पर जीत हासिल हुई। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) 25 और कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (सीपीआई) 23 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई।

1971 चुनाव दो नारों की वजह से भी याद किया जाता है। अपनी चुनावी सभा में इंदिरा गांधी जहां ‘गरीबी हटाओ’ का नारा देतीं थीं, वहीं उनके विरोधी ‘इंदिरा हटाओ’ की मुहिम चला रहे थे। इस पर इंदिरा गांधी अपनी रैलियों में ये कहना नहीं भूलती थीं कि वो कहते हैं 'इंदिरा हटाओ' और हम कहते हैं 'गरीबी हटाओ'।

लोकप्रिय