एमएसपी से कम भाव पर किसान दलहन की फसल बेचने को मजबूर, कहां गई किसानों की बात करने वाली सरकार?

ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि देश में दाल का उत्पादन खपत से ज्यादा है, इसलिए बाजार में दाल की कीमतें कम हैं। अग्रवाल ने कहा कि जब तक दाल निर्यात के उपाय नहीं किए जाएंगे तब तक कीमतों में सुधार नहीं होगा।

फोटो: सोशल मीडिया
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देश के प्रमुख दलहन उत्पादक प्रदेशों में किसान चालू खरीफ सीजन की नई फसलें तुअर, मूंग और उड़द न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम भाव पर बेचने को मजबूर हैं। तुअर का बाजार भाव एमएसपी से करीब 1,700 रुपये प्रति क्विंटल कम चल रहा है और मूंग की कीमत एसएसपी से करीब 2 हजार रुपये प्रति क्विंटल कम है। वहीं, उड़द का भाव एमएसपी से 1,200 रुपये कम है।

बाजार सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में सोमवार को तुअर का भाव 3,900-4,000 रुपये प्रति क्विंटल था। उड़द का दाम 3,600-4,400 रुपये प्रति क्विंटल था और मूंग की कीमत 4,500-5,000 रुपये प्रति क्विंटल थी।

चालू खरीफ सीजन 2018-19 में केंद्र सरकार ने मूंग के लिए एमएसपी 6,975 रुपये प्रति क्विं टल तय की है। उड़द की एमएसपी 5,600 रुपये प्रति क्विंटल है और तुअर की एमएसपी 5,675 रुपये प्रति क्विंटल है।

ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि देश में दाल का उत्पादन खपत से ज्यादा है, इसलिए बाजार में दाल की कीमतें कम हैं। अग्रवाल ने कहा कि जब तक दाल निर्यात के उपाय नहीं किए जाएंगे तब तक कीमतों में सुधार नहीं होगा।

मुंबई के एक दलहन कारोबारी ने कहा कि किसान अपनी जरूरतों के अनुसार फसल बेचते हैं, इसलिए वे सरकारी खरीद का इंतजार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि दलहन बाजार ठंडा पड़ा हुआ है। लिहाजा किसानों को मजबूरन कम भाव पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है।

इंदौर में सोमवार को चने का भाव 4,300 रुपये प्रति क्विंटल और डॉलर चना 6,200-6,400 रुपये प्रति क्विं टल था।

ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि चना बड़ी मात्रा में सरकारी गोदामों में पड़ा हुआ है, जो सरकार ने पिछले रबी सीजन में खरीदा था। इसलिए स्टॉक ज्यादा होने से कीमतों में नरमी बनी हुई है।

पिछले रबी सीजन में चने की एमएसपी 4,400 रुपये प्रति क्विं टल थी। आगामी रबी सीजन के लिए सरकार ने हाल ही में पिछले सीजन से 220 रुपये बढ़ाकर 4,620 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।

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Published: 09 Oct 2018, 9:45 AM