महात्मा गांधी की हत्या को सही ठहराने वाले हिंदू धर्मगुरु के खिलाफ FIR, सीएम बघेल बोले- हिंसात्मक बातें नहीं करेंगे बर्दाश्त

छत्तीसगढ़ पुलिस ने महात्मा गांधी पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने और नाथूराम गोडसे की प्रशंसा करने के आरोप में हिंदू धर्मगुरु कालीचरण महाराज और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

फोटोः @bhupeshbaghel
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नवजीवन डेस्क

छत्तीसगढ़ पुलिस ने महात्मा गांधी पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने और नाथूराम गोडसे की प्रशंसा करने के आरोप में हिंदू धर्मगुरु कालीचरण महाराज और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। रायपुर के पूर्व मेयर और कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे की शिकायत पर पुलिस ने टिकरापारा थाने में आईपीसी की धारा 505(2), 294 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। रविवार को रायपुर में 'धर्म संसद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

राज्य सरकार की यह कार्रवाई हरिद्वार के उस कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में आई है जिसमें नफरत भरे भाषण दिए गए थे। रायपुर में कार्यक्रम रावनभाटा में आयोजित किया गया था जिसमें संत कालीचरण महाराज पर महात्मा गांधी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने और गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को सही ठहराने का आरोप है।


राहुल गांधी ने भी हैशटैग गांधीफॉरएवर ट्वीट किया और गांधी को उद्धृत किया कि “आप मुझे बेड़ियों से जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप मेरे विचारों को क़ैद नहीं कर सकते।”

वहीं इस घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी पर हमला बोला है। सीएम बघेल ने कहा, 'उनके द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में इतना बड़ा बयान दिया गया है लेकिन भाजपा नेताओं की तरफ़ से मामले में एक भी बयान नहीं आया है। भाजपा मौन है। ये धरती शांति की है।'

छत्तीसगढ़ के सीएम ने आगे कहा कि, 'यहां पर उत्तेजक और हिंसात्मक बातें बर्दाश्त नहीं की जाती है। राष्ट्रपिता के बारे में इस प्रकार की बातें बोलना निश्चित रूप से दर्शाता है कि उनकी मानसिक स्थिति क्या है। जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। जितने भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं वह उठाए जाएंगे।'

17 से 20 दिसंबर तक आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हरिद्वार में इसी तरह की घटना होने की सूचना मिली थी। सोशल मीडिया पर वीडियो क्लिपिंग प्रसारित की गई थी, जिसमें कहा गया था कि "हिंदुओं को म्यांमार की तरह हथियार उठाना चाहिए, हर हिंदू को हथियार उठाना चाहिए, और 'सफाई अभियान' चलाना चाहिए।"


तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन एक विवादास्पद धार्मिक नेता यती नरसिम्हनंद द्वारा किया गया था, जिन पर अतीत में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है। उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और हाल ही में हिंदू धर्म अपनाने वाले जितेंद्र नारायण त्यागी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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Published: 27 Dec 2021, 1:19 PM