बंगाल में शह-मात का खेल जारी, कोलकाता पुलिस ने सीबीआई अधिकारी नागेश्वर राव की पत्नी के ठिकानों पर मारा छापा

कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव के दो ठिकानों पर छापा मारा है। जिन दो ठिकानों पर छापेमारी हुई है, उनमें से एक कोलकाता में और दूसरा साल्ट लेक में एंजेलीना मर्केन्टाइल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जो उनकी पत्नी की बताई जा रही है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पश्चिम बंगाल में बीते दिनों सीबीआई के बहाने ममता सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के बीच चला सियासी ड्रामा अभी थमा नहीं है। एक बार फिर बंगाल की ममता सरकार ने सीबीआई पर वार करते हुए मोदी सरकार को शह देने की कोशिश की है। शुक्रवार देर शाम को कोलकाता पुलिस ने कुछ दिन पहले तक सीबीआई के अंतरिम निदेशक रहे नागेश्वर राव के दो ठिकानों पर छापा मारा है। बताया जा रहा है कि कोलकाता पुलिस ने राव के जिन दो ठिकानों पर छापा मारा है, उनमें से एक कोलकाता में है, जबकि दूसरा साल्ट लेक सिटी स्थित एंजेलीना मर्केन्टाइल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जो राव की पत्नी की बताई जा रही है।

इससे पहले सीबीआई ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर छापा मारा था। माना जा रहा है कि राव के ठिकानों पर कोलकाता पुलिस ने ये छापे उसी के बदले में मारे हैं। वहीं, इस बीच सीबीआई द्वारा पूछताछ के लिए राजीव कुमार शिलांग पहुंच गए हैं। शारदा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को मेघालय की राजधानी में उनसे शनिवार को पूछताछ करना है।

इस बीच नागेश्वर राव ने इन छापों को अपने खिलाफ एक प्रोपगेंडा का हिस्सा करार दिया है। उन्होंने 30 अक्टूबर, 2018 को जारी अपने एक लिखित बयान का हवाला देते हुए एंजेला मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से अपने या पत्नी के किसी तरह के संबंध होने की बात खारिज कर दी है। बता दें कि एंजेला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड एक गैर-बैंकिंग वित्त पोषण कंपनी है, जो कथित तौर पर फरवरी 1994 में शुरू की गई थी। इससे पहले भी नागेश्वर राव के इस कंपनी से जुड़े होने की खबरें आई थीं।

गौरतलब है कि सीबीआई ने इससे पहले रविवार को कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर छापा मारा था, जिसे लेकर राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया था। शारदा चिटफंड मामले की जांच के नाम पर पहुंचे सीबीआई के अधिकारियों को राजीव कुमार के कोलकाता के पार्क स्ट्रीट स्थित आवास में घुसने नहीं दिया गया था और उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया था। इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए धरने पर बैठ गईं थीं। उन्होंने लगातार दो दिन तक अपना धरना जारी रखा था और धरना स्थल पर ही कैबिनेट की बैठक भी की थी।

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Published: 08 Feb 2019, 10:46 PM
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