इस उम्र के लोगों को कोरोना से है सबसे ज्यादा खतरा! गुरुग्राम में 77 फीसदी मरीजों ने गंवाई जान

गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चला है कि 1 अप्रैल से 10 मई के बीच जिले में घातक वायरस से मरने वाले 77 फीसदी मरीज 50 साल से अधिक उम्र के थे। केवल 23 फीसदी मरीज ऐसे थे जिनकी उम्र 50 साल से कम थी।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चला है कि 1 अप्रैल से 10 मई के बीच जिले में घातक वायरस से मरने वाले 77 फीसदी मरीज 50 साल से अधिक उम्र के थे। केवल 23 फीसदी मरीज ऐसे थे जिनकी उम्र 50 साल से कम थी। गुरुग्राम में अब तक कुल 673 लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में कोविड संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।

एक दैनिक स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, 1 अप्रैल से 10 मई के बीच जिले में 235 मरीजों की मौत कोविड से हुई है, जिनमें से 181 की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी। इनमें 62 मरीज 61-70 आयु वर्ग के हैं और 91-100 आयु वर्ग के थे। इसके अलावा, कोरोनावायरस के कारण 11-20 आयु वर्ग के केवल एक रोगी की मृत्यु हुई।


आंकड़े के मुताबिक इस वायरस ने महिलाओं से ज्यादा पुरुषों की जान ले ली है। 1 अप्रैल से 10 मई के बीच कोरोनावायरस से मरने वाले 235 रोगियों में से लगभग 82 महिलाएं और 153 पुरुष थे। इस बीच, गुरुग्राम में कोविड से ठीक होने वालो की दर 79.64 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

अधिकारियों ने कहा कि कोविड संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक कार्य योजना तैयार की गई है जिसमें परीक्षण, ट्रेसिंग और उपचार पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी गुरुग्राम के वीरेंद्र यादव ने कहा, "कोविड संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की करीब 138 टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की एक समर्पित टीम होम आइसोलेशन के मरीजों की स्थिति की निगरानी कर रही है।"

यादव ने कहा कि जिला वासियों, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में जागरूकता के कारण कोविड से ठीक होने की दर में लगातार सुधार हो रहा है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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