हरियाणा: दिल्‍ली पर तोहमत लगाने में मशगूल रही खट्टर सरकार, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत का कोरोना से हुआ बुरा हाल

हरियाणा के मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में कोरोना मरीजों के आंकड़े डराने लगे हैं। 5 हजार के पास पहुंच चुके यह आंकड़े हालात की गंभीरता बयां कर रहे हैं। जब हरियाणा की सरकार दिल्‍ली पर कोरोना संक्रमण फैलाने की तोहमत लगाने में मशगूल थी, उस वक्‍त सपनों के इस शहर में कोरोना अपने पैर पसार रहा था।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा के मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में कोरोना मरीजों के आंकड़े डराने लगे हैं। 5 हजार के पास पहुंच चुके यह आंकड़े हालात की गंभीरता बयां कर रहे हैं। जब हरियाणा की सरकार दिल्‍ली पर कोरोना संक्रमण फैलाने की तोहमत लगाने में मशगूल थी, उस वक्‍त सपनों के इस शहर में कोरोना अपने पैर पसार रहा था। महज एक बड़े सरकारी अस्‍पताल के भरोसे इस शहर में कोरोना अब तक 81 जिंदगियां निगल चुका है। एनसीआर के दो और शहरों फरीदाबाद और सोनीपत को मिला दें तो प्रदेश के 70-80 फीसदी कोरोना मरीज महज इन तीन शहरों में हैं।

गुरुग्राम में शुक्रवार को कोरोना के पॉजिटिव मामलों का आंकड़ा 5 हजार के पास पहुंच गया। गुरुग्राम में अब तक कुल 4944 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। 93 नए केस आए, जबकि 5 और मौतें होने के साथ 81 लोगों ने यहां अब तक अपनी जान कोरोना से गंवाई है। देश की राजधानी दिल्‍ली के तीन तरफ हरियाणा की मौजूदगी को गौरव गाथा के तौर पर पेश करने वाली प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार कोराना काल में इसे कलंक कथा के तौर पर प्रस्‍तुत करने लगी। हालात ऐसे बनाने की कोशिश की गई कि सरकारी तंत्र ने कई जगह सड़कें तक खोद डालीं, जिससे दिल्‍ली से लोग आवागमन न कर सकें। सरकार यह भूल गई कि प्रदेश को सबसे ज्‍यादा राजस्‍व देने वाले, सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाले और यहां तक कि राज्‍य की प्रति व्‍यक्ति आय को गरिमामय बनाने वाले गुरुग्राम और फरीदाबाद की गौरव गाथा दिल्‍ली के बिना अधूरी है।

सरकार संकट काल में एक तरफ दिल्‍ली बनाम हरियाणा को भारत-पाकिस्‍तान की सरहद जैसा बनाने पर आमादा थी, जबकि कोराना इसी दौरान एनसीआर के शहरों को अपनी गिरफ्त में ले रहा था। जब सरकार के लिए आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने में पूरी ताकत लगाने का वक्‍त था, उस समय वह दिल्ली पर तोहमत लगाने में व्यस्त थी। बेशक, गुरुग्राम बड़े-बड़े प्राइवेट अस्‍पतालों की मंडी है, लेकिन यहां का सामान्‍य वर्ग महज एक बड़े सरकारी अस्‍पताल के ही भरोसे रह गया। अनलॉक-1 के पहले दिन यानि 1 जून तक गुरुग्राम में 903 कोरोना के पॉजिटिव मामले आए थे, जबकि 4 मौतें हुईं थीं। वहीं, फरीदाबाद में यह संख्‍या 392 थी और मौतें 8 हुई थीं। सोनीपत में 212 केस और 1 मौत इस समय तक हुई थी। कंटेनमेंट जोन की संख्‍या 1 जून को गुरुग्राम में 75, फरीदाबाद में 59 और सोनीपत में इन तीनों शहरों में सबसे ज्‍यादा 80 थी। 10 जून आते-आते यह आंकड़े बड़ी तेजी से बढ़े। प्रदेश में इस समय तक कुल केस 5579 थे। इनमें से तकरीबन आधे केस 2546 गुरुग्राम में थे, जबकि मौतों का आंकड़ा 13 था। फरीदाबाद में 10 जून तक 855 केस, 18 मौतें और सोनीपत में 502 केस थे, जबकि मौतें 5 हुई थीं। इस समय तक गुरुग्राम के एसजीटी मेडिकल कालेज और अस्‍पताल में 4 मरीज आक्‍सीजन सपोर्ट पर थे, जबकि फोर्टिस अस्‍पताल में 3 और मेदांता में 4 लोग वेंटिलेटर पर थे। फरीदाबाद के ईएसआईसी मेडिकल कालेज और हॉस्पिटल में 14 मरीज आक्‍सीजन सपोर्ट पर, जबकि 3 मरीज वेंटिलेटर पर थे।

पांच दिन बाद 15 जून आते-आते स्थिति और खराब हो गई। 15 जून तक हरियाणा में कुल मरीज 7722 थे, जबकि केवल गुरुग्राम में ही 3477 कोरोना के पॉजिटिव केस आ चुके थे और 37 मौतें हो चुकी थीं। फरीदाबाद में यह तादाद 1405 मरीज, 33 मौतें और सोनीपत में 599 मामले, जबकि 6 मौतें हुई थीं। 15 जून को गुरुग्राम में 98, फरीदाबाद में 145 और सोनीपत में 208 कंटेनमेंट जोन थे। बिगड़ते हालात के बीच 15 जून को ही गुरुग्राम में मुख्‍यमंत्री ने समीक्षा बैठक की। इसमें अधिकारियों को ताकीद करने के साथ ही गुरुग्राम जिले में खाली बिल्डिंगों का सर्वे करवाने के आदेश दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका प्रयोग कोविड मरीजों के आइसोलेशन के लिए किया जा सके। प्राइवेट लैब की टेस्टिंग रिपोर्ट को भी आकस्मिक तौर पर चेक करने के लिए कहा गया। यह भी कहा गया कि कोई भी व्‍यक्ति, भले ही किसी भी प्रदेश का हो, गुरुग्राम में कोविड के लिए अपना सैंपल देकर टेस्ट करवा सकता है। केवल उसे अपना पता सही बताना होगा। इस बैठक का जमीन पर असर जानना अभी तक बाकी है।

26 जून तक कोरोना मरीजों का आंकड़ा और गंभीर हो चुका है। प्रदेश में 421 नई केसों के साथ कुल 12884 कोरोना के पॉजिटिव मामले आ चुके हैं। 13 और मौतों के साथ मरने वालों की तादाद राज्‍य में 211 हो गई। इसमें से केवल गुरुग्राम में 93 नए केसों के साथ आंकड़ा 4944 पहुंच गया है। वहीं, 26 जून को 5 और मौतों के साथ कोरोना से जान गंवाने वालों की संख्‍या यहां अब 81 हो गई है। फरीदाबाद में शुक्रवार को आए 194 नए मामलों के साथ कुल संख्‍या 3134 पहुंच गई है, जबकि 2 और लोगों के जान गवाने के साथ मरने वालों की तादाद 70 हो गई। सोनीपत में 35 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही यहां कोरोना के कुल पॉजिटव मामले 1094 हो गए हैं, जबकि 15 लोगों ने यहां अभी तक करोना से जान गवाई है।

सेहत विभाग के मुताबिक 26 जून को प्रदेश में गंभीर मरीजों की संख्‍या 64 थी, जिसमें से 15 वेंटिलेटर पर और 49 ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर थे। इसमें से गुरुग्राम में 10 कोरोना के मरीज गंभीर हैं, जिसमें 3 मरीज ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर और 7 वेंटिलेटर पर हैं। फरीदाबाद में गंभीर मरीजों की संख्‍या 20 और मानेसर में 3 है, जिसमें से 8 वेंटिलेटर पर और 15 ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर हैं।

लोकप्रिय
next