'...वे भारत के गले की फांस हैं', जयराम रमेश ने पंडित नेहरू की उपलब्धियां गिनाते हुए पीएम मोदी पर साधा निशाना
जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि, पीएम मोदी के नेतृत्व में संवैधानिक संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है। इलेक्शन कमीशन की आजादी छीन गई है और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण को कमजोर कर दिया गया है।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सर्वाधिक अवधि तक सेवा देने के रिकॉर्ड बनाने पर कहा कि वे भारत के गले की फांस हैं, और भारत में डेमोक्रेसी की हत्या की कमान संभाल रहे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि, पीएम मोदी के नेतृत्व में संवैधानिक संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है। इलेक्शन कमीशन की आजादी छीन गई है और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण को कमजोर कर दिया गया है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त, 1947 को भारत के प्रधानमंत्री बने और एक ऐसी शानदार कैबिनेट की अध्यक्षता की, जैसी दुनिया में बहुत कम देखी गई। पीएम नेहरू के नेतृत्व में अगले पाँच सालों में देश मॉडर्न इंडिया बना गया।"
कांग्रेस नेता ने तब की तत्कालीन सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई। उन्होंने कहा, "560 से ज़्यादा रियासतों को शांति से इंडियन यूनियन में मिलाया गया, भारत के संविधान पर बहस हुई और उसे अपनाया गया, जमींदारी खत्म की गई, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए रिज़र्वेशन लागू किए गए, कई मल्टीपर्पस सिंचाई-कम-पावर प्रोजेक्ट शुरू किए गए, साइंस और टेक्नोलॉजी क्षमता के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया गया (न्यूक्लियर एनर्जी सहित), और भारत ग्लोबल मामलों में एक ताकत के तौर पर उभरा। सभी को वोट देने का अधिकार मिले इसके लिए 17 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर्स वाली इलेक्टोरल रोल्स तैयार की गई और इसके बाद आजाद भारत के पहले आम चुनाव अक्टूबर 1951 और फरवरी 1952 के बीच हुए।
जयराम रमेश ने आगे कहा, "नेहरू से बेहद लगाव रखने वाले मोदी उनके प्रधानमंत्री रहते हुए भारत की 1947-52 की कामयाबियों का रिकॉर्ड, जिसमें सरदार पटेल, डॉ. अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे दिग्गजों ने अहम भूमिका निभाई थी, अब उसे मिटाना चाहते हैं।"
कांग्रेस महासचिव ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए आगे कहा, "पीएम मोदी भले ही देश के सबसे लंबे तक सेवारत प्रधानमंत्री बन गए हों, लेकिन वे भारत के गले की फांस हैं, और भारत में लोकतंत्र की हत्या की कमान संभाल रहे हैं। उनकी वजह से चुनाव आयोग की आजादी और वोटर लिस्ट की पवित्रता खतरे में है।" उन्होंने कहा, "हमारे एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स को खत्म करके साइंटिफिक सोच को मिटा दिया गया है। नीट और सीबीएसई से जूड़े घोटालों से यह साबित भी हुआ है। प्राइवेटाइज़ेशन और ‘Not Found Suitable’ जैसे गलत तरीकों से अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण को कमजोर कर दिया गया है।"
जयराम ने अंत में लिखा, "जहां नेहरू 1952, 1957 और 1962 में बहुत बड़े बहुमत से जीते थे, वहीं मिस्टर मोदी को 2024 में साधारण बहुमत भी नहीं मिला और उन्हें बीजेपी पार्लियामेंट्री पार्टी को नजरअंदाज करके खुद को पीएम बनाने के लिए जल्दबाजी में एनडीए की मीटिंग बुलानी पड़ी। 2024 निश्चित रूप से उनके लिए कोई जनादेश नहीं था।"
प्रधानमंत्री मोदी ने 10 जून को भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4,399 दिन पूरे कर लिए और वह निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिन के रिकॉर्ड से आगे निकल गए।
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
