अगले 24 घंटे इन 10 राज्यों पर पड़ेंगे भारी! आंधी-तूफान का अलर्ट जारी, ‘चक्रवात’ का भी अंदेशा

स्काईमेट का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय ओडिशा, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पूरा देश इस वक्त कोरोना संकट से जूझ रहा है, तो वहीं देश के कई राज्यों में हो रही बेमौसम बरसात ने किसानों बुरी तरह से परेशान कर दिया है ,स्काईमेट वेदर ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय ओडिशा, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।

skymetweather.com का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय ओडिशा, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। तो वहीं भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम , हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी ओडिशा, अंडमान व निकोबार , जम्मू कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक तमिलनाडु में भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की है।

आईएमडी ने कहा है कि अगले 24 घंटों में राजस्थान के भागों में धूलभरी आंधी के साथ बारिश के आने की आशंका है तो वहीं गुजरात के लोगों को भी आंधी का सामना कर पड़ सकता है, इस दौरान लोगों को सचेत रहने के लिए कहा गया है। तो वहीं 'चक्रवाती तूफान' को लेकर वैज्ञानिकों का असमंजस बरकरार है, स्काईमेट का कहना है कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और इससे सटे अंडमान सागर पर बना सिस्टम अभी प्रभावी नहीं है और इसी वजह से यह तूफान का रूप धारण नहीं कर पाया है, मॉडन जूलियन ओषिलेशन के दायरे में कमी होने की वजह से बंगाल की खाड़ी पर बना सिस्टम अभी कमजोर पड़ गया है लेकिन अभी खतरा टला नहीं है।

बता दें कि माडन जूलियन ओषिलेशन, एक महत्वपूर्ण मौसमी पहलू है जो कि मौसमी स्थितियों को चक्रवात के पक्ष में बनाने का काम करता है। फिलहाल अब तक की स्थितियों को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि 'चक्रवाती तूफान' कब तक बनेगा और किस दिशा में जाएगा।

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