50 दिनों का औसत जादुई तरीके से 125 दिन कैसे हो जाएगा? रोजगार गारंटी पर चिदंबरम का मोदी सरकार से सवाल

पी चिदंबरम ने गुरुवार को मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि 125 दिन क्यों, आप तो आप साल में 365 दिन की गारंटी भी दे सकते हैं। उन्होंने मोदी सरकार के वादे को खोखला वादा बताया।

कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र द्वारा तैयार किया गया भाषण नीरस और खोखले वादों से भरा था।

पी चिदंबरम ने गुरुवार को मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि 125 दिन क्यों, आप तो आप साल में 365 दिन की गारंटी भी दे सकते हैं। उन्होंने मोदी सरकार के वादे को खोखला वादा बताया।

गलत, प्रेसिडेंट मैडम!

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने अपने भाषण में कहा कि "विकसित भारत-ग्रामीण विकास कानून लागू हो गया है। इस सुधार से गांवों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी होगी।" गलत, प्रेसिडेंट मैडम!'

कांग्रेस नेता ने बताया कि क्यों हाल के सालों में एक परिवार को सिर्फ 50 दिन ही रोजगार दिए गए। उन्होंने कहा, 'हाल के सालों में मनरेगा के तहत एक परिवार को मिलने वाले रोजगार के दिनों की औसत संख्या 50 दिन थी। मांग की कमी की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि पर्याप्त फंड नहीं दिए गए थे।'


50 दिनों का औसत जादुई तरीके से 125 दिन कैसे हो जाएगा?

पी चिंदबरम ने सरकार से सवाल किया, '50 दिनों का औसत जादुई तरीके से 125 दिन कैसे हो जाएगा? क्या सरकार 2024-25 और 2025-26 में दिए गए पैसे का 2.5 गुना पैसा देगी?'

कांग्रेस नेता ने कहा कि '125 दिन' कोई गारंटी नहीं है। यह एक भ्रम है। पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, '125 दिनों पर क्यों रुकें? आप साल में 365 दिन की गारंटी भी दे सकते हैं।'

उन्होंने इसे एक खोखला वादा बताया।

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