मैं बॉस को अपने अच्छे कार्यो को बताने में नाकाम रहा : राजीव प्रताप रूडी

राजीव प्रताप रूडी के इस्तीफे की कहानी भी काफी रोचक है। खबरों में ऐसा कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट से अपनी नौकरी गंवाने वालों में से राजीव प्रताप रूडी पहले थे।

अमित शाह के साथ राजीव प्रताप रूडी/ फोटो: Getty Images
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आईएएनएस

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“मैं बॉस को अपने अच्छे कार्यो को बताने में नाकाम रहा।” यह कहना है केंद्रीय मंत्रिमंडल से हाल ही में निकाले गए बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी का। लेकिन वे यह जोड़ना नहीं भूले कि 'बॉस हमेशा सही होते हैं'। राजीव प्रताप रूडी के इस्तीफे की कहानी भी काफी रोचक है। खबरों में ऐसा कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट से अपनी नौकरी गंवाने वालों में से राजीव प्रताप रूडी पहले थे। राजीव प्रताप रूडी के राजनीतिक करियर की दिशा बदलने वाली इस घटना के अशुभ संकेत उन्हें अपने गृह राज्य में ही मिले।

पिछले गुरुवार को राजीव प्रताप रूडी जैसे ही पटना हवाई अड्डे पर उतरे और अपना फोन ऑन किया, उनके फोन पर कई मैसेजेज और मिस कॉल अलर्ट थे। ये फोन उन्हें दिल्ली से अपने दफ्तर से आ रहे थे। था। उन्हें पता चला कि अमित शाह उनसे संपर्क करना चाह रहे हैं। स्किल डेवलपमेंट मंत्री के दिल्ली स्थित दफ्तर के बाबुओं ने उन्हें सलाह दी कि वे दिल्ली वापस लौट आएं।

बिहार के सारण से तीन बार सांसद रहे राजीव प्रताप रूडी संदेश की गंभीरता का आकलन कर चुके थे और एयरपोर्ट से ही अमित शाह से मिलने चल दिये। इस्तीफा देने के बाद रू़डी अगले दिन पटना लौट आए और अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर चले गये।

अब रूडी का कहना है कि एक मंत्री के रूप में उन्होंने पूरा प्रयास किया। रूडी की जगह पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान को लाया गया है। प्रधान को न सिर्फ कौशल विकास मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया, बल्कि कैबिनेट मंत्री के तौर पर पदोन्नति भी दी गई है।

रूडी ने अपने परफॉर्मेंस के बचाव में कहा, "जब मुझे 2014 में मंत्री बनाया गया तो मुझे खुद से एक रोडमैप बनाना पड़ा और उसके मुताबिक अधिकारियों को भी खोजना पड़ा। अब यह देश में हर जगह मौजूद हैं।"

रूडी ने कहा, "मैं रोजगार का सृजन कैसे करता? मुझसे युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने के लिए कहा गया था। उन्हें रोजगार दिलाना कभी भी मेरे काम के दायरे में नहीं था।

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Published: 05 Sep 2017, 7:12 PM