राहत भरी खबर, भारत आ रहे एलपीजी लदे दो जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार किया
मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला एसवाईएमआई नामक एलपीजी कैरियर जहाज भारत के लिए 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लेकर आ रहा है। वहीं वियतनाम-ध्वज वाला दूसरा जहाज एनवी सनशाइन 46,427 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लेकर भारत आ रहा है।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को बताया कि भारत आने वाले एलपीजी से लदे दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं और अगले कुछ दिनों में इनके भारत पहुंचने की उम्मीद है। अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद से शुरू हुए एलपीजी संकट के बीच यह देश के लिए राहत भरी खबर है।
सरकार ने अपने दैनिक ब्रीफिंग में बताया कि मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला एसवाईएमआई नामक एलपीजी कैरियर जहाज भारत के लिए 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लेकर आ रहा है। इस जहाज पर 21 विदेशी चालक दल सदस्य मौजूद हैं। यह जहाज 13 मई को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और 16 मई को कांडला पहुंचने की उम्मीद है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एलपीजी वाहक और वियतनाम-ध्वज वाला दूसरा जहाज एनवी सनशाइन 46,427 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लेकर भारत आ रहा है। इस जहाज पर 24 विदेशी चालक दल सदस्य सवार हैं। यह जहाज 14 मई 2026 को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और 18 मई को इसके न्यू मैंगलोर पहुंचने की संभावना है।
इस बीच, एक भारतीय ढाऊ जहाज 'एमएसवी हाजी अली' सोमालिया से यूएई के शारजाह की यात्रा के दौरान 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गया। जहाज में आग लग गई, जिसके बाद वह डूब गया। मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 14 चालक दल सदस्यों को ओमानी तट रक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया। सभी लोग ओमान के डिब्बा पोर्ट पहुंच चुके हैं। चालक दल पूरी तरह सुरक्षित है और स्थानीय अधिकारियों के साथ जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सरकार ने कहा कि भारत सरकार, ओमान की सरकार, भारतीय मिशन अधिकारियों और संबंधित समुद्री एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है।
मंत्रालय के अनुसार, पिछले 72 घंटों में एमएसवी हाजी अली की घटना को छोड़कर भारतीय जहाजों या भारतीय नाविकों वाले विदेशी जहाजों से जुड़ी कोई अन्य घटना सामने नहीं आई है। मंत्रालय ने कहा, "क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं।" इसके अलावा, नौवहन महानिदेशालय के कंट्रोल रूम ने सक्रिय होने के बाद से अब तक 9,266 कॉल और 20,592 से अधिक ईमेल संभाले हैं। पिछले 72 घंटों में 377 कॉल और 834 ईमेल प्राप्त हुए हैं। मंत्रालय ने बताया कि डीजी शिपिंग के माध्यम से अब तक खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 3,158 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई जा चुकी है। इनमें पिछले 72 घंटों में वापस लाए गए 62 नाविक भी शामिल हैं।
