क्या चीन में छापे जा रहे हैं भारत के नोट, चीनी मीडिया के खुलासे पर ‘आप’ ने उठाए सवाल

चीनी मीडिया में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेपाल, बांग्लादेश, मलेशिया, थाइलैंड समेत भारत के नोट चीन की कंपनी में छापे जा रहे हैं। हालांकि इस रिपोर्ट की पुष्टि ना तो चीन की सरकार ने की है और ना ही भारत की सरकार ने इस पर कोई बयान दिया है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

आम आदमी पार्टी ने चीनी मीडिया में छपी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रखकर भारत के नोट छापने का ठेका चीन की एक कंपनी के देने का आरोप लगाया है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, “चीन की एक कंपनी के अध्यक्ष ने खुद बयान जारी कर कहा है कि भारत की करेंसी (मुद्रा) उनकी कंपनी छाप रही है। उस कंपनी के ही एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिन बड़े-बड़े देशों ने हमें यह काम दिया है, उन्होंने हमें इस ठेके के बारे में किसी को भी बताने से मना किया है। क्योंकि अगर खबर लीक हो गई तो देश में राजनैतिक भूचाल आ जाएगा, देश की राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।”

राघव चड्ढा ने मोदी सरकार पर सवालों के बौछार करते हुए पूछा कि “चीन की कंपनी को नोट छापने का काम देने की खबर को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? दूसरे देश को नोट छापने की टेक्नोलॉजी देने से क्या फर्जी नोट छापने का धंधा नहीं शुरू हो जाएगा और क्या ये नकली नोट के धंधे को प्रोत्साहित नहीं करेगा? क्या आप देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं कर रहे हैं?”

बता दें कि चीन की साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन की एक कंपनी भारत के नोट छाप रही है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में चीनी कंपनी ‘बैंक नोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन’ के अध्यक्ष लियू गुशेंग के एक मई को दिए इंटरव्यू के हवाले से छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, नेपाल, बांग्लादेश, मलेशिया, थाइलैंड समेत कई देशों की करेंसी चीन स्थित प्रिंटिंग प्रेसों में छापी जा रही हैं। लियू गुशेंग ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि साल 2013 से चीन में विदेशी नोटों की छपाई का काम शुरू हुआ, सबसे पहले नेपाल के नोट छापे गए और अब वहां भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, थाइलैंड, ब्राजील, पोलैंड समेत कई देशों के नोट छपते हैं।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि बेल्ट एंड रोड प्रॉजेक्ट की वजह से चीन की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत हुयी है और इसमें अन्य देशों की मुद्राओं की छपाई के कारोबार का भी योगदान है। हालांकि, इस रिपोर्ट की पुष्टि ना तो चीन की सरकार ने की है और ना ही भारत की सरकार ने इस पर कोई बयान दिया है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की इस रिपोर्ट के बाद देश के राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे बेहद संवेदनशील बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अगर यह सच है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता है। यह कहने की जरूरत नहीं कि इससे पाकिस्तान के लिए भारत के नकली नोट बनाना आसान हो जाएगा।

Published: 13 Aug 2018, 7:45 PM
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