ओमान की खाड़ी में टकराव चरम पर: जहाज जब्ती पर भड़का ईरान- 'सीजफायर तोड़ा तो मिलेगा करारा जवाब'
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरान ने कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। साथ ही जब्त जहाज और चालक दल की रिहाई की मांग भी की।

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी “समझौते के उल्लंघन” पर वह निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान के सैन्य नेतृत्व और विदेश मंत्रालय के ताजा बयानों ने दोनों देशों के बीच टकराव को और गहरा कर दिया है, खासकर ऐसे समय में जब दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है।
"उल्लंघन हुआ तो देंगे निर्णायक जवाब"
खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा किसी भी तरह के “ब्रीच ऑफ कॉवनेंट” यानी समझौते के उल्लंघन पर ईरान तुरंत और कड़ा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि देश की सेना हर तरह के खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अली अब्दुल्लाही ने यह भी कहा कि ईरान की जनता सड़कों और चौकों पर बड़ी संख्या में मौजूद रहकर सशस्त्र बलों का समर्थन कर रही है, जिससे सेना का मनोबल और मजबूत हुआ है।
अमेरिकी कार्रवाई पर ईरान का विरोध
यह बयान उस घटना के बाद आया है, जिसमें अमेरिकी बलों ने ईरानी झंडे वाले कंटेनर जहाज ‘तुस्का’ को ओमान की खाड़ी में रोककर जब्त कर लिया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय जल में तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया।
तेहरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने न सिर्फ जहाज को कब्जे में लिया, बल्कि चालक दल और उनके परिवारों को बंधक बनाया। ईरान ने सभी लोगों और जहाज की बिना शर्त रिहाई की मांग की है।
ऑपरेशन का वीडियो आया सामने
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस पूरे ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया है। इसमें देखा गया कि ‘यूएसएस ट्रिपोली’ से मरीन हेलीकॉप्टर के जरिए उड़ान भरते हैं और जहाज तक पहुंचकर रस्सियों के जरिए डेक पर उतरते हैं।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की निगरानी को लेकर पहले से ही सतर्कता बढ़ी हुई है।
“समुद्री डकैती” का आरोप, जवाब की चेतावनी
ईरान के सैन्य मुख्यालय ने इस घटना को “अमेरिकी हमला” और “समुद्री डकैती” करार देते हुए कहा कि यह सीजफायर का उल्लंघन है। ईरानी सेना ने आरोप लगाया कि अमेरिकी बलों ने जहाज के नेविगेशन सिस्टम को भी निष्क्रिय कर दिया।
साथ ही चेतावनी दी गई कि इस “सशस्त्र डकैती” का जवाब जल्द दिया जाएगा। ईरान ने साफ कहा कि क्षेत्र में हालात बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका पर होगी।