इस्लामी देशों का दुश्मन एक, सबको साथ आने की जरूरत: इजरायल पर बरसे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई

सुप्रीम लीडर ने कहा कि उनका मानना ​​है कि शुक्रवार की नमाज के दौरान 'भाई' नसरल्लाह को सम्मानित करना जरूरी है क्योंकि वह इस्लामी दुनिया में एक 'प्रशंसित व्यक्तित्व' और लेबनान के 'चमकते रत्न' थे।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई
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आईएएनएस

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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इस सप्ताह के शुरू में इजरायल पर तेहरान के हमले की तारीफ की और इसे 'पूरी तरह से कानूनी और वैध कार्य' बताया। उन्होंने कहा कि ईरान समेत तमाम इस्लामिक देशों का दुश्मन एक है और सबको साथ आने की जरूरत है। 

तेहरान की ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद से शुक्रवार की नमाज का नेतृत्व करते हुए खामेनेई ने लोगों को संबोधित किया। हजारों लोग उन्हें सुनने के लिए इक्ट्ठा हुए थे। इस दौरान राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी उपस्थित थे। सुप्रीम लीडर के भाषण का एक हिस्सा अरबी भाषा में था जिसमें पूरे इस्लामी जगत, 'विशेष रूप से लेबनान और फिलिस्तीन' के लिए एक संदेश था।


ईरानी सर्वोच्च नेता ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, "दो या तीन रात पहले हमारे सशस्त्र बलों का शानदार काम पूरी तरह से कानूनी और वैध था।"

खामेनेई ने कहा, "ईरान का दुश्मन फिलिस्तीन, लेबनान, सीरिया, मिस्र, यमन और इराक का भी दुश्मन है। दुश्मन एक ही है और हर जगह एक खास तरीके से काम करता है।"

सुप्रीम लीडर ने कहा कि उनका मानना ​​है कि शुक्रवार की नमाज के दौरान 'भाई' नसरल्लाह को सम्मानित करना जरूरी है क्योंकि वह इस्लामी दुनिया में एक 'प्रशंसित व्यक्तित्व' और लेबनान के 'चमकते रत्न' थे।

खामेनेई ने कहा, "सैय्यद हसन नसरल्लाह ने सत्य के लिए लड़ने वालों को भरोसा और साहस दिया। उनकी लोकप्रियता और प्रभाव का दायरा लेबनान, ईरान, अरब देशों से परे तक फैला हुआ था और अब उनकी शहादत उनके प्रभाव को और भी बढ़ा देगी।"


बता दें 27 सितंबर को बेरूत के दक्षिणी उपनगर में एक इजरायली एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह और उसके कई सहयोगी मारे गए थे।

ईरानी सर्वोच्च नेता ने 'हिजबुल्लाह के उत्साही युवाओं' से 'शहीद' नसरल्लाह की इच्छाओं को पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा, "हमें अफगानिस्तान से लेकर यमन तक, ईरान से लेकर गाजा और लेबनान तक, सभी इस्लामी देशों को रक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान की डोर से बांधना चाहिए। आज, मेरे अधिकांश शब्द लेबनानी और फिलिस्तीनी भाइयों को संबोधित हैं।"

बुधवार को ईरानी सुप्रीम लीडर ने कहा था कि पश्चिम एशिया में समस्याओं का मूल कारण इस क्षेत्र में अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों की मौजूदगी है।

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