ISRO का कमाल, रडार इमेजिंग सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण, बादल हो या बारिश हर मौसम में खींची जा सकेगी तस्वीर

भारत के पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हिकल (पीएसएलवी-सी49) रॉकेट ने 'अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट' ईओएस-01 और 9 विदेशी उपग्रहों को लेकर शनिवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरी।

फोटो: IANS
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रवि प्रकाश

भारत के पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हिकल (पीएसएलवी-सी49) रॉकेट ने 'अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट' ईओएस-01 और 9 विदेशी उपग्रहों को लेकर शनिवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरी। 10 उपग्रहों के साथ रॉकेट ने भारतीय समयानुसार दोपहर 3.02 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर (एसडीएससी) के पहले लॉन्च पैड से उड़ान भरी।

44.5 मीटर लंबा पीएसएलवी-सी49 का प्राथमिक पैसेंजर सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) से लैस भारतीय रडार इमेजिंग उपग्रह ईओएस-01 है जो सभी मौसम की स्थिति में तस्वीरें ले सकता है। उपग्रह दिन और रात में तस्वीरें ले सकता है और निगरानी के साथ-साथ सिविलियन गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा।


इसरो के अनुसार, 630 किलोग्राम वजनी ईओएस-01, एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, जिसका उद्देश्य कृषि, वानिकी और आपदा प्रबंधन में सहायता करना है। बाकी नौ विदेशी उपग्रहों में लिथुआनिया से (1-आर2, टेक्नॉलजी डेमनस्ट्रेटर), लक्समबर्ग से (क्लेओस स्पेस का 4 मैरिटाइम एप्लीकेशन सैटेलाइट) और अमेरिका से (4-लीमर मल्टी मिशन रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट) हैं।

इस बार इसरो ने पीएसएलवी रॉकेट के लिए डीएल वैरिएंट का इस्तेमाल किया जिसमें सिर्फ दो स्ट्रैप-बूस्टर मोटर्स हैं। इस रॉकेट वैरिएंट का इस्तेमाल पहली बार 24 जनवरी, 2019 को माइक्रोसेट आर उपग्रह को कक्षा में रखने के लिए किया गया था।

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