कठुवा-उन्नाव रेपः कई शहरों में बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं के मुहल्लों-घरों में घुसने पर लगी रोक

देश भर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर डर और दहशत का माहौल देखा जा रहा है। कई शहरों में लोगों ने पोस्टर लगाकर बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं के अपने मुहल्लों में दाखिल होने पर रोक लगा दी है।

By नवजीवन डेस्क

जम्मू-कश्मीर के कठुवा और उत्तर प्रदेश के उन्नाव बलात्कार कांड के आरोपियों को बचाने की कोशिश में पार्टी नेताओं की भूमिका सवालों के घरे में है। बीजेपी सरकारों और नेताओं द्वारा आरोपियों को बचाने की कोशिश से देश भर में लोगों के अंदर भारी गुस्सा है। इसको लेकर देश के कई हिस्सों से बीजेपी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की खबरें लगातार आ रही हैं। लेकिन बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की कारगुजारियों से लोगों में इतनी नाराजगी है कि अब कई शहरों में लोगों ने पोस्टर लगाकार बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं के मुहल्लों और अपने घरों में आने पर रोक लगा दी है।

कठुवा-उन्नाव रेपः कई शहरों में बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं के मुहल्लों-घरों में घुसने पर लगी रोक

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में शिवकुटी कॉलोनी के निवासियों ने अपने घरों के बाहर बाजाप्ता पोस्टर लगा कर बीजेपी नेताओं-कार्यकर्ताओं के आने पर रोक लगा दी है। पोस्टर में लिखा है, “इस मुहल्ले में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आना मना है, क्योंकि यहां महिलाएं और बच्चियां रहता हैं।” स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा महिलाओं के खिलाफ बढ़ती रेप और अपराध की घटनाओं में बीजेपी कार्यकर्ताओं की भूमिका की वजह से किया गया है।

इतना ही नहीं मुहल्ले के वासियों ने मुहल्ले के बाहर इंट्री पर ही इसी आशय का बड़ा सा बैनर भी लगाया है। मुहल्ले के दाखिले पर ही टांगे गए बैनर में भी साफ तौर पर लिखा गया है कि “इस मुहल्ले में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आना मना है, क्योंकि यहां महिलाएं और बच्चियां रहता हैं।”

कठुवा-उन्नाव रेपः कई शहरों में बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं के मुहल्लों-घरों में घुसने पर लगी रोक

इलाहाबाद क शिवकुटी कॉलोनी के निवासियों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों और बैनर को यूपी के उन्नाव के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के ऊपर लगे बलात्कार के आरोपों से जोड़ कर देका जा रहा है। उन्नाव रेप कांड में पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत से बीजेपी सरकार की फजीहत के बाद शनिवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए सेंगर को कोर्ट ने 7 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।

कठुवा-उन्नाव रेपः कई शहरों में बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं के मुहल्लों-घरों में घुसने पर लगी रोक

वहीं, दिल्ली से सटे गाजियाबाद के भी कुछ इलाकों में इसी तरह के पोस्टर लगाए गए हैं। यहां भी लोगों ने अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाया है, जिसमें बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के आने पर रोक लगाई गई है।

कठुवा-उन्नाव रेपः कई शहरों में बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं के मुहल्लों-घरों में घुसने पर लगी रोक

इसी तरह के पोस्टर दक्षिण भारत के कई शहरों में भी लगाए गए हैं। तमिलनाडु और केरल के कई शहरों के अलग-अलग घरों के बाहर लगे ऐसे पोस्टरों में भी बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के आने पर रोक लगाई गई है। कई पोस्टरों में कठुवा रेप पीड़िता की फोटो भी लगाई गई है और कहा गया है कि यहां 10 से कम उम्र की बच्चियां रहती हैं, इसलिए बीजेपी कार्यकर्ताओं का यहां आना मना है।

कठुवा-उन्नाव रेपः कई शहरों में बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं के मुहल्लों-घरों में घुसने पर लगी रोक
कठुवा-उन्नाव रेपः कई शहरों में बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं के मुहल्लों-घरों में घुसने पर लगी रोक

केरल के थीरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इसी तरह के एक पोस्टर को ट्वीट किया है। उन्होंने मलयालम भाषा के पोस्टर को ट्वीट करते हुए लिखा, केरल में घरों के बाहर इस तरह के पोस्टर लगाए जा रहे हैं जिसमें कहा गया है कि वहां 10 वर्ष से कम उम्र की बच्चियां रहती हैं, इसलिए बीजेपी के लोगों का आना मना है।

जम्मू के कठुवा में स्थानीय बकरवाल मुस्लिम समुदाय की 8 साल की एक मासूम बच्ची का अपहरण कर 7 दिनों तक सामूहिक बलात्कार और फिर पत्थर से कुचलकर बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई थी। इस मामले में चार पुलिस वालों समेत 7 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब घटना के आरोपियों के बचाव में बुलाई गई रैली में जम्मू-कश्मीर सरकार में बीजेपी कोटे के दो मंत्रियों ने ना सिर्फ हिस्सा लिया बल्कि आरोपियों की हर तरह से सहायता करने का भी ऐलान किया।

इसके बाद देश भर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इन दोनों घटनाओं में सरकार में शामिल बीजेपी नेताओं द्वारा आरोपियों को बचाने की कोशिश और पीएम मोदी की चुप्पी के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है।

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