मुसीबत में फंसी आम आदमी पार्टी पर कुमार विश्वास का हमला, कहा, पार्टी में आ गए हैं अजगर जैसे लोग

एक तरफ आम आदमी पार्टी अपने 20 विधायकों की सदस्यता रद्द होने के बाद इसका हल ढूंढने में जुटी हुई है, दूसरी तरफ सीएम केजरीवाल और पार्टी पर कुमार विश्वास ने फिर से हमला किया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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एक तरफ आम आदमी पार्टी अपने 20 विधायकों की सदस्यता रद्द होने से परेशान है और इसका हल ढूंढने की कोशिश कर रही है, दूसरी तरफ इस बीच उसे बीजेपी के हमलों का सामना करने के साथ-साथ अपनों के हमलों का भी सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के संस्थापक सदस्य कुमार विश्वास ने एक बार फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है, साथ ही पार्टी पर कई सवाल भी खड़े किए हैं।

22 जनवरी को उत्तर प्रदेश के इटावा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे कुमार विश्वास ने पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द होने पर दुख तो जताया, लेकिन उन्होंने इस बात पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि विधायकों की सदस्यता रद्द करना वैध है या अवैध। कुमार विश्वास ने इसके पीछे कारण भी गिनाए। उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीने पहले से ही पार्टी ने मुझसे दूरी बना ली थी।

कुमार विश्वास ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से चुनाव आयोग की सिफारिश पर पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के फैसले पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, “यह हमारा संवैधानिक उत्तरदायित्व है कि राष्ट्रपति भवन पर टीका टिप्पणी न की जाए। इससे भारतीय अस्मिता पर सवाल उठता है।”

पार्टी से राज्यसभा टिकट नहीं मिलने की टीस कुमार विश्वास की बातों में साफ दिखी। ‘आप’ से राज्यसभा के उम्मीदवार बने सुशील गुप्ता और नारायण दास गुप्ता का नाम लिए बगैर कुमार विश्वास ने तंज कसा। उन्होंने कहा, “इस समय पार्टी में अजगर जैसे लोग आ गए हैं जो मेरी तरह पार्टी के लिए रैली करेंगे और शायद भीड़ को वोट में तबदील कर 20 की 20 सीटें जिताकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुंह बंद कर देंगे।”

पार्टी से राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर कुमार विश्वास ने कहा, “एक कवि कभी हाशिए पर नहीं रहता। मैंने हमेशा गलत को गलत और सही को सही कहा है। इस वक्त सभी पार्टियों में जी साहब का कल्चर चल रहा है। वहीं हमारी पार्टी में आंदोलन के बाद कुछ बाहर से सपा बसपा और कांग्रेस से आए हुए सत्ता के अनुचरों ने सुप्रीमो पद्धति लागू करने की कोशिश की है।” किसी दूसरी पार्टी की ओर से राज्यसभा भेजे जाने के प्रस्ताव के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं ऐसी पारंपरिक पार्टियों में नहीं जाने वाला जिनसे असहमत होकर हम लोगों ने आम आदमी पार्टी बनाई थी।

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