महाराष्ट्र के बाद बीजेपी शासित गुजरात, यूपी, एमपी पहुंची दलित आंदोलन की चिंगारी

महाराष्ट्र में भड़की हिंसा की आग अब गुजरात, यूपी और एमपी पहुंच गई है। 3 जनवरी को राजकोट और पाटण में दलितों ने विरोध-प्रदर्शन किया। दलित संगठनों ने 5 जनवरी को पाटण बंद करने का भी ऐलान किया है।

फोटो: सोशल मीडिया 
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भीमा-कोरेगांव लड़ाई की सालगिरह पर महाराष्ट्र में भड़की हिंसा की आग गुजरात पहुंच गई है। 3 जनवरी को राजकोट और पाटण में दलित प्रदर्शनकारियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। दलित संगठनों ने 5 जनवरी को पाटण बंद करने का ऐलान किया है।

दलित समुदाय के कुछ लोगों ने चाणस्मा हाइवे पर टायर जलाकर विरोध-प्रदर्शन किया। इसका असर यातायात पर देखने को मिला था। हालांकि पुलिस ने मशक्कत कर इसे खुलवाया। इसके अलावा राजकोट के धोराजी में भी कुछ लोगों ने एक बस में आग लगा दी। वापी में भी दलित सेना के लोगों ने हाईवे जाम कर दिया।

3 जनवरी को हिंसा के बाद दलित संगठनों ने महाराष्ट्र बंद बुलाया था। बंद के दौरान महाराष्ट्र में कई जगह हिंसा हुई, बसों को जलाया गया, धरने-प्रदर्शन भी हुए। दलित नेता प्रकाश अंबेडकर की अगुवाई में महाराष्ट्र बंद बुलाया गया था, जिसका कई संगठनों ने समर्थन किया था। इस दौरान मुंबई के डब्बावाले, स्कूल बसों की सर्विस बंद थी।

प्रकाश अंबेडकर ने 3 जनवरी की देर शाम बंद को सफल बताते हुए इसे वापस ले लिया था।

1 जनवरी को भीमा-कोरेगांव लड़ाई के 200 साल पूरे होने की खुशी में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस बीच अचानक हिंसा भड़क गई और एक व्यक्ति की मौत हो गई। जिसके बाद यह हिंसा पूरे महाराष्ट्र में फैल गई। पुणे, अकोला, औरंगाबाद और ठाणे से लेकर मुंबई तक में हालात बेकाबू हो गए। इसके बाद राज्य सरकार ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए। लोकसभा में इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव भी देखा गया।

उधर मध्य प्रदेश से भी इस मसले पर हिंसा की खबर आ रही है। हिंसा की आग को बढ़ता देख उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

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Published: 04 Jan 2018, 12:41 PM