एनआरसी के मुद्दे पर सोनिया-राहुल से मिलीं ममता बनर्जी, साथ चुनाव लड़ने पर भी हुई बात

असम में जारी एनआरसी के अंतिम मसौदे को लेकर छिड़े विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।

फोटोः @INCIndia
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राजधानी दिल्ली के दौरे पर आयीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। सोनिया गांधी के आवास पर हुई मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस मुलाकात में देश की वर्तमान राजनीति और भविष्य में सबके साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि इस दौरान नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) के मुद्दे पर भी बातचीत हुई।

इससे पहले असम में एनआरसी के अंतिम मसौदे में 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किये जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि सरकार के इस कदम से देश में गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इस बयान को लेकर बीजेपी द्वारा हमला किये जाने पर ममता बनर्जी ने कहा, “मैं बीजेपी की नौकर नहीं हूं कि उनके हर बयान का जवाब दूं। मैंने गृहयुद्ध छिड़ने की बात नहीं कही थी। मैंने उन 40 लाख लोगों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी जिनके नाम एनआरसी में नहीं जोड़े गए हैं।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक तौर से बीजेपी बुरी तरह घबरायी हुई है, क्योंकि उन्हें पता है कि 2019 में वे सत्ता में वापस नहीं आएंगे।

गौरतलब है कि मता बनर्जी असम में एनआरसी के अंतिम मसौदे में 40 लाख लोगों के नाम नहीं शामिल किये जाने को लेकर केंद्र और असम सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किये हुए हैं। इसको लेकर वह दिल्ली में लगातार विभिन्न दलो के नेताओं से मिल रही हैं। बुधवार की सुबह उन्होंने संसद भवन में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, कांग्रेस नेता अहमद पटेल और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन से भी मुलाकात की। उन्होंने दिल्ली के कर्नाटक भवन में पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा से भी मुलाकात की।

एनआरसी के दूसरे और अंतिम ड्राफ्ट से करीब 40 लाख लोगों को अवैध बताकर बाहर रखा गया है। विपक्ष का आरोप है कि इस मुद्दे का बीजेपी राजनीतिक फायदा उठाना चाह रही है। जबकि सरकार ने पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष को देश की नहीं बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की चिंता है। हालांकि, बुधवार को ही बंग्लादेश की सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि इन लोगों का बांग्लादेश से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए इन्हें बार-बार बांग्लादेशी ना बताया जाए।

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Published: 01 Aug 2018, 7:56 PM