‘मप्र में लौटा शवराज, कोरोना संदिग्ध ने स्कूटी पर तोड़ा दम, जीतेजी तो छोड़िए, मरने पर भी नहीं पहुंची एंबुलेंस’

कोरोना वायरस ने निपटने के लिए सरकार ने कई दावे किए हैं। हर बार ये बात कही गई है कि मरीजों के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी, लेकिन मध्यप्रदेश के इंदौर और खंडवा से मानवता को शर्मसार करने वाली ऐसी घटना सामने आई है, जिसे जानकर आप भी सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाएंगे।

फोटो: सोशल मीडिया 
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले में लगातर बढ़ोत्तरी हो रही है। महाराष्ट्र के बाद अब मध्यप्रदेश में भी कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मध्यप्रदेश का इंदौर कोरोना से सबसे प्रभावित शहरों में से एक है। सरकार की ओर से लगातार कोरोना से निपटने के लिए हर संभव कोशिश का वादा भी किया जा रहा है। लेकिन असल में ये वादे और दावे खोखले साबित हो रहे हैं। क्वारंटाइन सेंटर में लोगों को जरूरती चीजें तो छोड़िए वक्त में मर रहे शख्स को एंबुलेंस तक नसीब नहीं हो रही है। इंदौर और खंडवा से एक ऐसी ही मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जहां एक परिवार अपने सदस्य के इलाज के लिए शहर के अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन किसी अस्पताल ने मरीज को एडमिट तक नहीं किया।

फोटो: सोशल मीडिया   
फोटो: सोशल मीडिया   

सरकारी व्यवस्था के आगे हारी जिंदगी!

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते उस शख्स की जान चली गई। जब उस शख्स को समय पर इलाज ही नहीं मिला तो उनसे स्कूटी पर ही दम तोड़ दिया। परिवार के सदस्य ने बताया कि इंदौर में मरीमाता क्षेत्र निवासी 55 साल के पांडुराव चांदवे करीब 8-10 दिन से बीमार थे, उन्हें सर्दी-जुकाम भी था। सोमवार को परिजन उन्हें लेकर एमवायएच की फ्लू ओपीडी में पहुंचे थे। परिजन का आरोप है कि एक्स-रे लिया व दवाइयां देकर उन्हें घर भेज दिया गया। परिजन मंगलवार को फिर एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, जब एंबुलेंस नहीं मिली तो इंदौर के पांडू राव चांदने को उनके बड़े भाई और पत्नी एक्टिवा में बिठाकर दो तीन अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे लेकिन कहीं उनका इलाज नहीं हुआ। एमवाय अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

इसे भी पढ़ें- भारतीय चमगादड़ों की दो प्रजातियों में मिला ‘बैट कोरोना वायरस’, तीन साल से चल रहा था शोध, अब जाकर हुई पुष्टि

फोटो: सोशल मीडिया   
फोटो: सोशल मीडिया   

परिवार ने भी उठाए सवाल

वहीं मृतक के भाई की माने तो एमवाय अस्पताल की पार्किंग से ही उन्होंने सीएमएचओ को फोन कर बता दिया था कि कोरोना संदिग्ध व्यक्ति की मौत हुई है। हमसे वहां से कहा गया कि आप यह बात मैसेज कर दो। इसके बाद भी जब देर तक कोई नहीं आया तो हम शव घर ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया। गौरतलब है कि भारत में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देशभर में अबतक कोरोना के 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं मरनेवालों की संख्या 300 के पार पहुंच गई है।

फोटो: सोशल मीडिया 
फोटो: सोशल मीडिया 

राज्य में एंबुलेंस ना मिलने पर तीसरी मौत

आपको बता दें, एंबुलेंस समय पर ना मिलने से राज्य में ये तीसरी मौत है। वहीं ऐसी ही एक घटना राज्य के खंडवा में सामने आई। जिल के खड़कपुरा अग्रवाल धर्मशाला की गली में रहने वाले बुजुर्ग शेख हमीद की मंगलवार दोपहर को तबीयत खराब हुई थी। उन्हें सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत हुई, जिसके बाद उनके पुत्र ने लगातार एम्बुलेंस 108 पर फोन लगाते रहे, लेकिन एम्बुलेंस नहीं पहुंची, इसके बाद पुत्र व अन्य परिजन बीमार बुजुर्ग को स्कूटी पर लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तबतक उनकी मौत हो गई।

इसे भी पढ़ें- गर्मी में कम नहीं होगा कोरोना का कहर! वैज्ञानिकों के नए रिसर्च से भारत की बढ़ी चिंता


कांग्रेस ने कहा- लौट आया शवराज

वहीं प्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर हमला भी बोला है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर सूबे में शवराज की वापसी करार दिया है। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है-‘मप्र में लौट आया शवराज: इंदौर, देवास के बाद अब खंडवा में भी मरीज़ के लिये एम्बुलेंस नही पहुँची, परिजन स्कूटी से ही मरीज़ लेकर निकले लेकिन रास्ते में मौत हो गई। हे ! मौतप्रेमी महामानव, कितनी मौतों के बाद गुनाह क़बूलोगे..?

अब लाशों का अंबार है,
शिवराज की सरकार है’

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


/* */