दिल्ली के बवाना में भी मौलवी की पिटाई, हमलावरों की धमकी- भारत में रहना है तो ‘जय सिया राम’ कहना होगा 

दिल्ली के बवाना में एक मौलाना और उनके एक साथी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। हमलावरों ने उन्हें बुरी तरह से मारा पीटा और धमकी दी कि अगर भारत में रहना है तो ‘जय सियाराम’ कहना होगा।

फोटोः नवजीवन
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नवजीवन डेस्क

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बवाना में एक मौलाना और उनके एक साथी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ितों की दाढ़ी और टोपी को लेकर अपशब्द कहे जिसका विरोध करने पर उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। पीड़ित ने बताया कि हमलावरों ने उन्हें बुरी तरह से मारा पीटा और गालियां देते हुए धमकी दी कि अगर भारत में रहना है तो ‘जय सियाराम’ कहना होगा। घटना की जानकारी देने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक हमलावरों में से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पिछले कुछ कुछ वर्षों से देश में नफरत की ऐसी हवा बह रही है जिसने मानवता के साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द को भी निगल लिया है। हाल ही में गो रक्षा के नाम पर राजस्थान के अलवर जिले में उमर खान की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद यूपी के बागपत जिले में एक ट्रेन में एक मौलाना और उसके साथियों पर मजहब के नाम पर जानलेवा हमला किया गया था। और अब राजधानी दिल्ली के बवाना इलाके में ऐसी ही घटना सामने आई है। जिसमें एक मौलाना और उनके साथी के साथ इसलिए मारपीट की गई क्योंकि वे देखने में मुसलमान थे, यानी उनकी दाढ़ी थी और सिर पर टोपी थी। पीड़ित का नाम मौलाना अरशद रहमानी है जो दिल्ली के ही नरेला इलाके में एक मदरसा के प्रबंधक हैं। मौलाना रहमानी जमियत उलेमा ए हिंद के बाहरी दिल्ली के अध्यक्ष भी हैं।

मौलाना रहमानी ने बताया कि एक दिन पहले शाम को वह मदरसा के एक शिक्षक मोहम्मद गुफरान के साथ बवाना इलाके से गुजर रहे थे। तभी मोटरसाइकिल से तीन नौजवान आए और उनकी दाढ़ी और टोपी को लेकर अपशब्द कहने लगे। मौलाना ने बताया कि इस पर उन लोगों ने कोई ध्यान नहीं दिया औऱ चुपचाप से आगे बढ़ते रहे। लेकिन इसके बावजूद वे लड़के बड़ी तेजी से मोटरसाइकिल चलाते हुए इनकी तरफ आने लगे। मौलाना ने कहा कि अगर वे लोग रास्ते से नहीं हटते तो उनकी गाड़ी उनके ऊपर चढ़ जाती। इस पर मौलाना ने उन लड़कों को कहा कि भाई थोड़ा देखकर चलाओ।

फोटोः नवजीवन
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मौलाना अरशद मदनी

इतना सुनते ही तीनों उनकी तरफ लपके और उन्हें पीटना शुरू कर दिया। मौलाना रहमानी के अनुसार, हमलावरों ने मुझे और गुफरान को बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। मैंने कहा बी कि भाई गलती हो गई जो आपको टोक दिया, लेकिन फिर भी उन्होंने कुछ नहीं सुना। गुफरान किसी तरह हमलावरों के चंगुल से निकल कर भाग गया लेकिन उन्होंने मुझे बुरी तरह मारा और पीटा। उन लोगों ने मुझे इतने लात, घूंसे मारे कि मैं नीचे गिर गया। मौलाना रहमानी ने बताया कि इस दौरान उनके धर्म के बारे में अपशब्द कहते हुए उन्होंने कहा कि तुम लोगों ने हमारे देश पर कब्जा कर लिया है, देश को डुबो दिया है तुम लोगों ने।

साथ में हमलावरों ने यह भी धमकी दी कि अगर तुम लोग भारत में रहना चाहते तो 'जय सियाराम' कहना होगा। इस घटना को देखकर वहां बहुत सारे लोग इकट्ठे हो गए लेकिन किसी ने उन्हें नहीं बचाया। मौलाना रहमानी के अनुसार, हमलावरों में से एक के पास पिस्तौल थी। हमलावरों ने पिस्तौल लहराते हुए उन्हें धमकी दी और वहां से भाग गए। उनके जाने के बाद मौलाना रहमानी और उनके साथी पास के एक दुकान पर गए और पानी पिया और वहां मौजूद लोगों को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। जिसके बाद दुकानदार और वहां मौजूद कुछ लोगं उन्हें लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और वहां पर लोगों से इसके बारे में पूछताछ की, जिसकी वहां मौजूद लोगों ने पुष्टि तो की, लेकिन जब मौलाना ने 100 नंबर पर कॉल करना चाहा तो उन्हें यह कहते हुए रोक दिया गया कि अब तुम्हारी जान बच गई है अब गर चले जाओ।

इसके बाद मौलाना वापस अपने मदरसा पहुंचे और 8 बजे रात के करीब 100 नंबर पर फोन कर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस ने मौलाना का मेडिकल जांच कराया और फिर मामला दर्ज किया। रोहिणी जिले के डीसीपी राजेश गुप्ता ने बताया, इस मामले की जांच हो रही है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मौलाना रहमानी ने नवजीवन से बात करते हुए कहा कि नरेला, बवाना और बाहरी दिल्ली के अन्य इलाकों में पिछले लंबे समय से माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि उनकी टोपी और दाढ़ी को लेकर न जाने कितनी बार उन्हें अपशब्द कहे गए हैं लेकिन वे चुप रहते हैं। लेकिन इस बार हद हो गई और उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई। मौलाना ने कहा, "हम चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे और उन्हें सख्त सजा दे। हम अक्सर मदरसे के काम से बाहर जाते रहते हैं, अगर इस तरह सड़कों पर हमारे साथ मारपीट की जाएगी तो हमारा तो हर काम ही रुक जाएगा।

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