मिडिल ईस्ट जंग पर PM मोदी का संसद में बयान, बताया- भारत पर असर कितना, तैयारी क्या?

मिडिल ईस्ट जंग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बयान देते हुए भारत की तेल-गैस सप्लाई, सुरक्षा और रणनीति पर अपडेट दिया।

फोटो: सोशल मीडिया
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आईएएनएस

मिडिल ईस्‍ट में जारी जंग के बीच हालात तनावपूर्ण हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस मुद्दे पर सोमवार को बयान दिया। पीएम मोदी ने बताया कि मिडिल ईस्‍ट में हालत चिंताजनक हैं। उन्होंने भारत से जुड़े हितों को लेकर अपनी बात रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी कि बीते दिनों होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर के साथ संपर्क में है। प्रयास यह है कि जहां से संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रहे।

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर के साथ भी संपर्क में है। प्रयास यह है कि जहां से संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रहे। भारत सरकार गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट्स पर निरंतर नजर बनाए हुए है। हमारा प्रयास है कि तेल हो, गैस हो या फर्टिलाइजर हो, जरूरी सामान से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें। हम अपने सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं, ताकि हमारे मैरीटाइम कॉरिडोर सुरक्षित रहें।"

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों के कारण बीते दिनों होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं।

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से भारत के सामने आई परिस्थितियों पर पीएम मोदी ने कहा, "भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अनेक जरूरी चीजें होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आती हैं। युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आना-जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई बहुत ज्यादा प्रभावित न हो, देश के सामान्य परिवारों को परेशानी कम से कम हो, इस पर फोकस रहा है।"

पीएम मोदी ने सदन में जानकारी दी कि देश अपनी जरूरत की 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। उन्होंने कहा कि इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने एलपीजी के घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही, एलपीजी के देश में उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। देश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे, इस पर लगातार काम किया गया है।

उन्होंने कहा, "एनएसडी सिक्योरिटी को लेकर बीते एक दशक में उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं। भारत ने पिछले 11 वर्षों में अपने ऊर्जा आयात का डायवर्सिफिकेशन किया है। पहले क्रूड ऑयल, एलएनजी और एलपीजी, एनर्जी जरूरतों के लिए 27 देशों से आयात किया जाता था। आज भारत 41 देशों से ऊर्जा आयात करता है।"


सदन में पीएम मोदी ने कहा कि बीते दशक में संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को भी प्राथमिकता दी है। आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व है। 65 लाख से अधिक मीट्रिक टन के रिजर्व की व्यवस्था पर देश काम कर रहा है। हमारी तेल कंपनियों के पास जो रिजर्व रहता है, वह अलग है। पिछले 11 साल में हमारी रिफाइनिंग कैपेसिटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, "संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी काम आ रही है। पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्रैंडिंग पर अभूतपूर्व काम हुआ है। एक दशक पहले तक देश में सिर्फ एक-डेढ़ प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग कैपेसिटी थी। आज पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग के करीब पहुंच रहे हैं। इसके कारण प्रति वर्ष करीब 4.5 करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ रहा है। ऐसे ही रेलवे के बिजलीकरण से फायदा हो रहा है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने भविष्य की तैयारी और बढ़ाते हुए शांति एक्ट के माध्यम से न्यूक्लियर एनर्जी के उत्पादन को प्रोत्साहित किया है। कुछ दिन पहले स्मॉल हाइट्रो पावर डेवलपमेंट्स स्कीम को भी हरी झंडी दी गई है। जिससे अगले पांच वर्षों में 1500 मेगा वाट नई हाइट्रो पावर क्षमता जोड़ी जाएगी।

उन्होंने कहा कि जहां तक डिप्लोमेसी की बात है भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने खुद भी पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से बातचीत की है। मैंने सभी से तनाव को कम करने और इस संघर्ष के खत्म करने का आग्रह किया है।

पीएम ने कहा कि भारत ने नागरिकों, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े हुए इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। कमर्शियल जहाजों पर हमला और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत कूटनीति के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से ही मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर कहूंगा कि बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है। हमारे हर प्रयास तनाव को कम करने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए है। इस संघर्ष में किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत का प्रयास सभी पक्ष को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है। जब ऐसे संकट आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोस्ट सिक्योरिटी हो, बॉर्डर सिक्योरिटी हो, साइबर सिक्योरिटी और स्ट्रैटेजिक इंस्टॉलेशन हो, सबकी सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हमें एकजुट रहना होगा।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि कोरोना के समय हम एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। हमें फिर से उसी तरह से तैयार रहने की आवश्यकता है। धीरज के साथ, संयम के साथ, शांत मन से हमें हर चुनौती का मुकाबला करना है। यही हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है।

पीएम मोदी ने कहा कि हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों की कोशिशों को सफल नहीं होने देना है। मैं देश की सभी राज्य सरकारों से भी इस सदन के माध्यम से आग्रह करूंगा कि ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। इसके लिए कड़ी निगरानी की जरूरत है। जहां से भी ऐसी शिकायत आती है, वहां त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रही है। पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3.72 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से एक हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। खाड़ी के देशों में हजारों भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं। सीबीएसई ने ऐसे सभी भारतीय स्कूलों में होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। छात्रों की पढ़ाई लगातार चलती रहे, इसके लिए सीबीएसई उचित कदम उठा रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रभावित देशों में हमारे जितने भी मिशन हैं, वे लगातार भारतीयों की मदद में जुटे हैं। वहां काम करने वाले भारतीय हों या टूरिस्ट हों, सभी को हरसंभव मदद दी जा रही है। हमारे मिशन नियमित रूप से एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। यहां भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24 घंटे कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की गई हैं। सभी भारतीयों को त्वरित जानकारी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि देश की हर सरकार और देश का हर नागरिक जब मिलकर चलेंगे तो हम हर चुनौती को चुनौती दे सकते हैं। इसी आग्रह के साथ मैं अपना वक्तव्य समाप्त करता हूं।

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