मोदी सरकार ने चीन को सौंप दी 1000 वर्ग किलोमीटर जमीन, अपने इलाके में गश्त तक नहीं कर पा रही सेना: कांग्रेस

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह सब मोदीजी की फर्जी छवि बनाने के लिए किया जा रहा है। यह सब समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से ठीक पहले हो रहा है। क्या यह महज एक संयोग है?

फोटो: वीडियो ग्रैब
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रवि प्रकाश

वास्तविक सीमा यानी एलएसी पर भारतीय और चीनी सेनाओं की वापसी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि भारतीय सेना अपनी पहले की पैट्रोलिंग की स्थिति से हट रही है, यह वापसी नहीं है बल्कि सरकार ने समझौता किया है, यथास्थिति कहां है? उन्होंने आगे कहा कि आजकल भारत और चीन में वापसी की बड़ी चर्चा हो रही है, मोदी और चीनी सेना एक ही भाषा बोल रहे हैं! जून 2020 में मोदी जी ने वक्तव्य दिया था- हमारी सीमा में कोई घुसा हुआ नहीं है। चीन पीएम मोदी की उसी बात का हवाला देकर कहा रहा है कि देखिए- भारत के प्रधानमंत्री भी यही कह रहे हैं। मतलब पीएम मोदी और चीन का PLA एक ही बात कर रहे हैं।

'सीमा पर सच्चाई भयावह'

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पहले चीन अतिक्रमण करता है, फिर उसे बफर जोन बना देता है, हम पीछे हट जाते हैं और गश्त पर भी नहीं जाते हैं। चीन हमारे प्रधानमंत्री के उसी बयान को दोहराता है कि कोई भी भारत की सीमा में प्रवेश नहीं किया। यह छूट नहीं, समझौता है। कोई यथास्थिति नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 2 दिन में पूर्वी लद्दाख में हॉट-स्प्रिंग्स में पैट्रोलिंग प्वाइंट-15 में भारत और चीन के बीच हुए डिसइंगेजमेंट पर चर्चा हो रही है। सरकार भी शोर मचा रही है, चरण चुम्बक भी शोर मचा रहे हैं, लेकिन सच्चाई भयावह है।


देश की जनता की आंखों में धूल झोंक रही मोदी सरकार

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मोदी सरकार सेना के मनोबल को गिरा रही है। ये सेना का पराक्रम था कि हम ब्लैकटॉप पर थे, मोदीजी ने सेना को वहां से पीछे हटा दिया। ये सेना का पराक्रम और शौर्य था कि हम पेंगोंग लेक और गलवान तक पैट्रोलिंग करते थे, उनको पीछे हटा लिया।

उन्होंने कहा कि यह सब मोदीजी की फर्जी छवि बनाने के लिए किया जा रहा है। यह सब समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से ठीक पहले हो रहा है। क्या यह महज एक संयोग है? सीमा पर 31 महीने से संकट है, मोदी जी ने चीन पर अपनी निर्भरता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा आयात चीन से हो रहा है। ऐप पर बैन लगाकर देश की जनता की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। अप्रैल 2020 की स्थिति क्यों नहीं लौट रही है?


मोदी जी अपनी लाल आंखें कब खोलेंगे?

श्रीनेत ने मोदी सरकार से सवाल कि क्या भारतीय सेना पेट्रोलिंग प्वाइंट -14 गलवान घाटी में, पेट्रोलिंग प्वाइंट-15 हॉट स्प्रिंग्स में, पेट्रोलिंग प्वाइंट-17 गोगरा में आज गश्त कर सकती है? क्योंकि अप्रैल 2020 के पहले हम यहां पर गश्त कर रहे थे। लेकिन मोदी सरकार ने 1000 वर्ग किलोमीटर जमीन चुपचाप चीन को सौंप दी। उन्होंने पूछा कि डेप्सांग और डेप्चांग को लेकर सरकार की क्या नीति है? अरुणाचल में चीन एक गांव बसा देता है, हमारे नागरिकों का अपहरण कर लेता है, अतिक्रमण करता है, सरकार का मौन क्यों है? कांग्रेस ने सवाल किया कि आखिर मोदी जी वो लाल आंखें कब खोलेंगे, या चीनी प्रेम में आप वो लाल आंखें भी भूल गए हैं और आपकी 56 इंच की तथाकथित छाती कुंद हो गई है। श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के झूठे महिमामंडन और फर्जीवाड़े के चलते, जो देश को झेलना पड़ रहा है, जो हमारी सेना के मनोबल को कमजोर करने का काम हो रहा है, उसके बारे में सवाल जरुर पूछे जाएंगे।

श्रीनेत ने सरकार से सवाल किया कि आखिर कैसे एक हजार वर्ग किलोमीटर की जमीन चीन के कब्जे में आ गई? आखिर कैसे पेट्रोलिंग प्वाइंट जहां पर हम गश्त करते थे, हम उससे पीछे हो गए? आखिर क्यों हमारा हिस्सा बफर जोन बन जाता है, चीन को क्यों लगता है कि मोदी जी मान जाएंगे?

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