पार्टी छोड़ने वाले सांसद ‘गद्दार टीम’, ममता करती हैं तृणमूल की अगुवाई: सौगत रॉय

रॉय ने कहा, “दो टीम हैं, एक तृणमूल की टीम और दूसरी गद्दारों की टीम।” वरिष्ठ सांसद ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं, पार्टी का चुनाव चिह्न ‘दो फूल’ है और पार्टी विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है।

फोटो: सोशल मीडिया
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तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने पार्टी से अलग हुए गुट को मंगलवार को “गद्दारों का समूह” करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी से अलग हुए सांसद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के इशारे पर काम कर रहे हैं। तृणमूल के बागी गुट द्वारा लोकसभा में पार्टी के दो-तिहाई सांसदों का समर्थन होने का दावा और ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में विलय की योजना की घोषणा किये जाने के बाद रॉय ने यह टिप्पणी की।

रॉय ने कहा, “दो टीम हैं, एक तृणमूल की टीम और दूसरी गद्दारों की टीम।” वरिष्ठ सांसद ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं, पार्टी का चुनाव चिह्न ‘दो फूल’ है और पार्टी विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि “गद्दारों की टीम” एनडीए के साथ खड़ी है।

रॉय ने कहा, “तृणमूल की टीम का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं। गद्दारों की टीम का नेतृत्व नरेन्द्र मोदी करते हैं।”


उन्होंने कहा, “तृणमूल की टीम का चुनाव चिह्न लोगों का पसंदीदा दो फूल है, जबकि गद्दारों की टीम का चुनाव चिह्न कलम की निब है।”

उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में करीब 41 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि उनके अनुसार बीजेपी ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के प्रयास किए थे।

तृणमूल नेता ने कहा, “हाल के चुनाव में बीजेपी द्वारा सभी एजेंसियों को हथियाने, लूटने और कब्जा करने के बावजूद तृणमूल को बंगाल में लगभग 41 फीसदी मत मिले।”

रॉय ने एनसीपीआई के साथ विलय के बागी गुट के फैसले को लेकर भी उस पर निशाना साधा। एनसीपीआई वर्ष 2023 में निर्वाचन आयोग में पंजीकृत एक राजनीतिक दल है।