मुंबई में विमान की चपेट में आने के बाद करीब 40 फ्लेमिंगो की मौत, पर्यावरणविदों ने चिंता जतायी

पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से इसकी जांच कराने की मांग की है और दावा किया है कि शहरी योजनाकर्ताओं ने ऐसी आपदाओं के बारे में चेतावनियों को नजरअंदाज किया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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पीटीआई (भाषा)

दुबई से यहां पहुंची ‘एमिरेट्स एयरलाइन’ की एक उड़ान की चपेट में आने के बाद करीब 40 फ्लेमिंगो (राजहंस) की मौत हो गयी है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

‘एयरलाइन’ के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘एमिरेट्स एयरलाइन इस बात की पुष्टि कर सकती है कि 20 मई को दुबई से मुंबई आयी उड़ान ईके 508 यहां पहुंचने के बाद पक्षी से टकरा गयी। विमान सुरक्षित उतरा और सभी यात्री एवं चालक दल के सदस्य बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर आ गये। लेकिन दुर्भाग्य से कई फ्लेमिंगो की मौत हो गयी। एमिरेट्स एयरलाइन इस मामले में प्रशासन के साथ सहयोग कर रही है।’’

प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि सोमवार को इस घटना में विमान को भी नुकसान पहुंचा, फलस्वरूप सोमवार रात में उड़ान ईके 209 की निर्धारित दुबई वापसी की उड़ान रद्द कर दी गयी।

एमिरेट्स एयरलाइन ने कहा कि सभी यात्रियों एवं चालक दल के सदस्यों को रात में ठहराया गया तथा यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान का इंतजाम किया जा रहा है। यह उड़ान मंगलवार रात में मुंबई से रवाना होगी।

एयरलाइन ने कहा, ‘‘ एमिरेट्स एयरलाइन असुविधा के लिए माफी मांगती है। हमारे लिए यात्रियों एवं चालक दल की सुरक्षा का बड़ा महत्व है एवं उसके साथ समझौता नहीं किया जायेगा।’’


एक वन अधिकारी ने बताया कि यह घटना घाटकोपार ईस्ट के लक्ष्मीनगर में हुई जिसमें कम से कम 36 फ्लेमिंगों की मौत हो गयी।

पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से इसकी जांच कराने की मांग की है और दावा किया है कि शहरी योजनाकर्ताओं ने ऐसी आपदाओं के बारे में चेतावनियों को नजरअंदाज किया है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उतरने से पहले विमान ने पक्षियों को टक्कर मारी । हालांकि ‘एमिरेट्स एयरलाइन’ ने कहा कि विमान के उतरने के बाद यह घटना घटी।

वन विभाग में मानद वन्यजीव वार्डन पवन शर्मा ने बताया कि कुछ पक्षियों के जमीन पर गिरने के बाद आवारा कुत्तों ने उन्हें नोंच डाला। कुछ स्थानों पर लोगों को इन मृत पक्षियों के अंग नजर आये।

उन्होंने बताया कि मृत पक्षियों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और प्रोटोकॉल के अनुसार, उनके शवों का बाद में निस्तारण किया जाएगा।

जीव विज्ञानी चिन्मय जोशी ने कहा कि हवाई अड्डा प्राधिकारियों को वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों के साथ मिलकर वन्यजीव संघर्ष शमन और प्रबंधन योजना की समीक्षा करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

‘नैटकनेक्ट फाउंडेशन’ के निदेशक बी एन कुमार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उन्होंने डीजीसीए को लिखा है और यह पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है कि कैसे पक्षी एमिरेट्स एयरलाइन के विमान की चपेट में आए और क्या पायलट अपने रडार पर पक्षियों के झुंड को देख नहीं पाया।


कुमार ने कहा, ‘‘पक्षी से टक्कर लगने के कारण यदि कोई यात्री प्रभावित हुआ होता तो यह वैश्विक सुर्खियां बन गया होता। लेकिन ऐसा लगता है कि 40 फ्लेमिंगो की मौत की प्रशासन और खासकर शहर नियोजनकर्ताओं को कोई परवाह नहीं है।’’

‘बॉम्बे नैचुरल हिस्ट्री सोसायटी’ (बीएनएचएस) के अनुसंधानकर्ता मृगंक प्रभु ने कहा कि ऐसा लगता है कि फ्लेमिंगो मुंबई से गुजरात लौट रहे थे और उनकी मौत मानव जाति के लिए आसन्न आपदाओं की चेतावनी है।

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