ईंधन संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर, तेल से भरे जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार किया
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि टैंकर में 25 विदेशी क्रू सदस्य मौजूद हैं, जबकि इसमें कोई भारतीय नाविक नहीं है। मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े पक्षों के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए हुए है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के लिए लगभग 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा मार्शल आइलैंड्स का टैंकर 'निसोस केरोस' सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुका है। यह टैंकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के लिए चार्टर्ड किया गया है और इसके 3 जून 2026 तक विशाखापट्टनम पहुंचने की उम्मीद है।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि टैंकर में 25 विदेशी क्रू सदस्य मौजूद हैं, जबकि इसमें कोई भारतीय नाविक नहीं है। मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े पक्षों के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए हुए है।
सरकार के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 96 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम लगातार हालात की निगरानी कर रहा है। कंट्रोल रूम सक्रिय होने के बाद से अब तक 10,841 कॉल और 24,098 से ज्यादा ईमेल प्राप्त हुए हैं। पिछले 96 घंटों में ही 509 कॉल और 1,332 ईमेल नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री हितधारकों की ओर से मिले।
सरकार ने यह भी बताया कि भारत भर में बंदरगाहों का संचालन सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं मिली है। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है और इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
