'पाकिस्तान अलग-थलग नहीं पड़ा, चीन के प्रति मोदी सरकार का समर्पण जारी', कांग्रेस ने पीएम पर साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव रुकवाने का दावा 100 से अधिक बार किया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका एक बार भी खंडन नहीं किया।

कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के एक साल पूरे होने के मौके पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को दावा किया कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज भी अलग-थलग नहीं किया जा सका और इस्लामाबाद की मदद करने वाले चीन के प्रति भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का समर्पण जारी है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव रुकवाने का दावा 100 से अधिक बार किया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका एक बार भी खंडन नहीं किया।
पीएम मोदी से सवाल
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ साझा करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत का एक साल पूरा होने पर आज ‘‘हम अपने सशस्त्र बलों की उपलब्धियों को सलाम कर रहे हैं, लेकिन कुछ बातों को याद करना भी जरूरी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर को अप्रत्याशित रूप से रोकने वाले युद्धविराम की पहली घोषणा 10 मई 2025 को शाम 5:37 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा की गई थी। उन्होंने दावा किया था कि यह राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप के कारण संभव हो पाया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने विभिन्न देशों में सौ से अधिक बार इस दावे को दोहराया, लेकिन उनके अच्छे मित्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार भी इसका खंडन नहीं किया।’’
जयराम रमेश का आरोप
रमेश ने कहा कि 30 मई, 2025 को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में बयान दिया था कि रणनीतिक गलतियों के कारण भारत को शुरुआती नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन समीक्षा और सुधार के बाद भारत गलती को समझ पाया और फिर पाकिस्तान के अंदर तक सटीक हमले कर जवाब दिया, जिससे भारत की दृढ़ता और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता प्रदर्शित हुई।
उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि 10 जून, 2025 को जकार्ता में आयोजित एक संगोष्ठी में इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास के रक्षा अताशे ने स्वीकार किया था कि सात मई 2025 को राजनीतिक नेतृत्व द्वारा तय की गई सीमाओं के कारण भारत ने अपने विमान खो दिए थे।
रमेश ने कहा, ‘‘थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने चार जुलाई 2025 को एक बयान दिया था जिसमें ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया में चीन की बहुत गहरी भूमिका की ओर स्पष्ट रूप से ध्यान दिलाया गया था। चीन ने महत्वपूर्ण उपकरण और गोला-बारूद के अलावा उपग्रह तस्वीरों तथा लक्ष्य संबंधी त्वरित जानकारी सहित सीधे सूचनाएं उपलब्ध कराई थीं।’’
'चीन के प्रति मोदी सरकार का नपा तुला समर्पण जारी'
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इसके बावजूद, चीन के प्रति मोदी सरकार का नपा तुला समर्पण लगातार जारी है जिसमें लद्दाख में पारंपरिक गश्त अधिकारों का नुकसान, चीन से रिकॉर्ड आयात, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में ढील आदि शामिल हैं।’’
रमेश ने कहा कि भारत द्वारा व्यापक कूटनीतिक संपर्क अभियान के बावजूद, पाकिस्तान वैसा अलग-थलग नहीं पड़ा जैसा वह नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के बाद हुआ था।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके विपरीत, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को जून, 2025 से राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा असाधारण गर्मजोशी के साथ सराहा गया है, और सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले पाकिस्तान की अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान द्वारा प्रशंसा भी की गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह भी याद रखने वाली बात है कि जुलाई 1999 में कारगिल युद्ध समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी) वाजपेयी सरकार ने देश के सामरिक मामलों के विशेषज्ञ के. सुब्रह्मण्यम (जो विदेश मंत्री जयशंकर के पिता थे) की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कारगिल समीक्षा समिति का गठन किया था, ताकि घटनाक्रम की जांच की जा सके और भविष्य के लिए सिफारिशें दी जा सकें। इस समिति ने सात जनवरी 2000 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। यह रिपोर्ट 23 फरवरी 2000 को संसद में पेश की गई थी।’’
पीटीआई के इनपुट के साथ
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