हैदराबाद गैंगरेप-हत्या के खिलाफ संसद में भी उबाल, किसी के निकले आंसू, तो किसी ने की सरेआम लिंचिंग की मांग

हैदराबाद गैंगरेप और हत्या के खिलाफ देश भर में उबाल है। सोमवार को संसद में भी इस मुद्दे पर सांसदों का रोष दिखाई दिया। चर्चा के दौरान कई सांसदों ने जहां आपा खोया, वहीं कईयों ने आरोपियों को सजा देने के लिए कानून तोड़ने तक की मांग कर दी।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

निर्भया और कठुवा कांड की तरह पूरे देश को एक बार फिर दहला देने वाले हैदराबाद गैंगरेप और निर्मम हत्या को लेकर आम से लेकर खास हर तबके में उबाल है। बीते बुधवार को हैदराबाद की महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या और फिर लाश जला देने की घटना पर सोमवार को संसद में भारी उबाल देखने को मिला। विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया, जिसपर बोलते हुए कई महिला सांसद भावुक तक हो गईं और कई ने तो आरोपियों को सबक सिखाने के लिए कानून तक हाथ में लेने की मांग कर दी।

सोमवार को कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी सदस्यों द्वारा दोनों सदनो में हैदराबाद की दिल दहला देने वाली घटना का मुद्दा उठाने पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति वैंकैया नायडू ने भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर चिंता जताई। इसके बाद संसद के दोनों सदनों में इस विभत्स कांड पर चर्चा की गई। लोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के कई सांसदों ने खड़े होकर स्पीकर से यह मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी। जिसपर ओम बिड़ला ने कहा कि सदन खुद इस मुद्दे पर चिंतित है और वे सदस्यों को यह मुद्दा प्रश्न काल के बाद उठाने की अनुमति देंगे। इसके बाद चर्चा में भागद लेते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस कृत्य ने पूरे देश को शर्मसार किया है। इसने सभी को आहत किया है। अभियुक्तों को उनके अपराध के लिए सबसे कठोर सजा दी जानी चाहिए।

इसके बाद दोनों सदनों में चर्चा में कई सासंदों ने अपनी बात रखी। ज्यादातर महिला सांसदों ने इस मुद्दे पर अधिक मुखर होकर चर्चा में भाग लिया। राज्यसभा में अपनी बात रखते एआईएडीएमके की सांसद विजिला सत्यानंद भावुक हो गईं और कहा कि भारत बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कठोर सजा की मांग करते हुए कहा कि चारों आरोपियों को 31 दिसंबर से पहले तक कठोर सजा मिल जानी चाहिए, क्योंकि इंसाफ में देरी नाइंसाफी है। विजिला ने ऐसी घटनाओं के लिए नशीली दवाओं को एक वजह बताते हुए इन पर सख्ती से रोक, रेप केस की त्वरित सुनवाई, दोषियों को मौत की सजा और फैसले पर फौरन कार्रवाई की मांग की।

वहीं, राज्यसभा में समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार को ऐसे अपराधों का माकूल जवाब देना चाहिए और चाहे निर्भया कांड हो या कठुआ कांड, दोषियों की सार्वजनिक तौर पर लिंचिंग करनी चाहिए। जया बच्चन ने कहा कि ऐसे मामलों पर वह पता नहीं कितनी बार बोल चुकी हैं, लेकिन अब सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में ऐसे मामलों में जनता दोषियों को सजा देती है। अब यहां भी ऐसे मामलों में दोषियों की सार्वजनिक लिंचिंग होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती है, उनका नाम सार्वजनिक किया जाना चाहिए और उनको शर्मिंदा किया जाना चाहिए।

वहीं, इस मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कोई भी सरकार या नेता नहीं चाहेगा कि ऐसी घटना उनके राज्य में घटित हो। यह समस्या सिर्फ कानून बनाने से हल नहीं हो सकती है। ऐसे कृत्यों को मिटाने के लिए, ऐसे अपराधों के खिलाफ एक साथ खड़े होने की जरूरत है। इस बीमारी को खत्म करने के लिए अब पूरे देश को एक साथ खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे बड़ी जरूरत है कि ऐसे में मामलों में जब भी कोई दोषी पाया जाए तो उसे धर्म, जाति और पार्टी से ऊपर उठकर सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। इससे पहले राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि पूरे देश में महिलाओं के साथ बढ़ीं अपराध की घटनाएं हमें परेशान करने वाली हैं। हैदराबाद में जो हुआ वह मानवीयता के सिद्धांतों के खिलाफ है और शर्म की बात है और यह सिर्फ हैदराबाद नहीं, पूरे देश में हो रहा है।

राज्यसभा में कांग्रेस की अमी याज्ञिक ने कहा कि “मैं न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका समेत शासन के सभी अंगों से अनुरोध करती हूं कि वे एक साथ आएं और सामाजिक सुधार की दिशा में पहल करें। और यह आपातकालीन आधार पर होना चाहिए।”

वहीं, इस बीच इस घटना से सिर्फ आम लोग ही नहीं, आरोपियों के परिवार वालों में भी गुस्सा है। । मामले के चार आरोपियों में से एक सी चेन्नाकेशावुलु की मां श्यामला ने कहा कि अगर उसके बेटे ने सच में ऐसा किया है तो उसे फांसी की सजा दे दी जाए या फिर आग के हवाले कर दिया जाए, जैसा उसने महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप के बाद किया था। आरोपी चेन्नाकेशावुलु की मां ने कहा है कि वह पीड़ित के परिजनों का दर्द समझ सकती हैं, क्योंकि उसकी भी एक बेटी है। उन्होंने कहा कि अगर आज मैंने अपने बेटे का बचाव किया तो पूरी जिंदगी लोग मुझसे नफरत करेंगे। श्यामला ने बताया कि चेन्नाकेशावुलु की 5 महीने पहले ही शादी हुई थी। उन्होंने मीडिया से बात करते हए कहा कि अगर मेरे बेटे ने इस अपराध को अंजाम दिया है और उसे जलाया है तो मेरा बेटा मेरे लिए कुछ भी नहीं है। गलत तो गलत है।

Published: 2 Dec 2019, 6:01 PM
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