पेट्रोल-डीजल पर जारी रहेगी महंगाई की मार, 2022 की तरह लगातार बढ़ेंगे दाम? तेल कंपनियों ने दिया बड़ा संकेत
इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी उपभोक्ताओं पर असर कम करने और महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ा रही है।

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार दूसरी बढ़ोतरी के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या साल 2022 की तरह कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिलेगा?
ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल कुल कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका कोई निश्चित आंकड़ा तय नहीं किया गया है।
धीरे-धीरे बढ़ाए जा रहे हैं दाम
'आज तक' की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी उपभोक्ताओं पर असर कम करने और महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ा रही है। अधिकारी के मुताबिक, तेल कंपनियां एक साथ बड़ा इजाफा नहीं करना चाहतीं, क्योंकि इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी की कीमतें एक तय दायरे के अनुसार, निर्धारित होती हैं और तिमाही मुनाफे से ज्यादा उपभोक्ताओं को राहत देने पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, वैश्विक हालात को देखते हुए कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी। अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि आगे कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका फैसला शीर्ष स्तर पर लिया जाएगा।
पश्चिम एशिया के तनाव का असर
तेल कंपनियों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की वजह से कच्चे तेल की लागत तेजी से बढ़ी है। इसी कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद ईंधन की मांग में बड़ी कमी आने की संभावना नहीं है और गर्मियों के दौरान मांग मजबूत बनी रहेगी।
अधिकारियों ने साल 2022 की स्थिति से तुलना को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मार्च और अप्रैल 2022 में तेल कंपनियों ने लगातार 13 दिन तक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए थे। उस समय 15 दिनों के भीतर कीमतों में करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ था। हालांकि, अब अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात को 2022 से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
महंगाई बढ़ने का खतरा
चार साल बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। बार्कलेज के अनुमान के मुताबिक, शुरुआती 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का असर उपभोक्ता महंगाई दर पर दिखाई देगा। अनुमान है कि जून में महंगाई दर 15 आधार अंक और मई में 8 आधार अंक तक बढ़ सकती है।
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