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पीएम मोदी ने तो पलक-पांवड़े बिछा किया स्वागत, लेकिन सऊदी प्रिंस ने पुलवामा में पाक का नाम लेने से किया इनकार

भारत दौरे पर आए सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के स्वागत में तो पीएम मोदी ने पलक-पांवड़े बिछाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन दोनों देशों के बीच समझौते के बाद सऊदी प्रिंस ने अपने संबोधन में पुलवामा हमले में पाकिस्तान का नाम लेने से ही इनकार कर दिया।

फोटोः सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

दो दिवसीय दौरे पर भारत आए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान का नाम लेने से इनकार करते हुए भारत से कहा है कि दोनों देश आपस में बात करें। खबरों के अनुसार सऊदी प्रिंस ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को आपस में बातचीत करनी चाहिए। हालांकि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त संबोधन में आतंकी गुटों को नेस्तानाबूद करने की बात कही है।

बता दें कि एक दिन पहले भारत आए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के स्वागत के लिए सारे प्रोटोकॉल तोड़कर पीएम नरेंद्र मोदी खुद एयरपोर्ट पहुंचे और गले लगाकर उनका स्वागत किया। उसके बाद बुधवार को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें सऊदी अरब और भारत के बीच 5 अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद पीएम मोदी और प्रिंस सलमान ने सयुंक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया।

इस संबोधन में जहां पीएम मोदी ने हाल में पुलवामा में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह बर्बर आतंकवादी हमला मानवता विरोधी है और पूरे क्षेत्र के लिए खतरा है। और दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है।

लेकिन इसके बाद जब प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की बारी आई तो उन्होंने पूरी तरह से गच्चा देते हुए आतंकवाद पर चिंता तो जाहिर की लेकिन पुलवामा और पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं किया। उन्होंने अपने संबोधन में आतंकवाद पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर सऊदी अरब, भारत के साथ खुफिया सूचनाएं साझा करेगा। कुल मिलाकर सऊदी अरब के प्रिंस ने आतंकवाद को लेकर बस इतना ही कहा। इस दौरान सऊदी प्रिंस ने न तो पुलवामा आतंकी हमले पर कुछ कहा और न ही पाकिस्तान में जारी आतंकवादी गतिविधयों पर एक शब्द बोला।

प्रिंस सलमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि, भारत ने पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ होने का मुद्दा उठाया था। विदेश मंत्रालय के आर्थिक मामलों के सचिव टी एस त्रिमूर्ति ने कहा कि दोनों नेता इस बात पर सहमत थे कि आतंकवाद किसी भी देश की नीति नहीं हो सकता।

बता दें कि पुलवामा हमले के करीब 6 दिन बाद भारत आए सऊदी अरब के प्रिंस सलमान सीधा पाकिस्तान से भारत आए हैं। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पहुंचे सऊदी प्रिंस को लेकर उम्मीद की जा रही थी कि वे भारत की धरती से पाकिस्तान को उसके यहां फल-फूल रहे आतंकवाद को लेकर कई कड़ा संदेश दे सकते हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

हालांकि एक दिन पहले मंगलवार को भारत आने पर जिस जोशोखरोश के साथ पीएम मोदी ने सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का स्वागत किया था, उसे देखते हुए माना जा रहा था कि सऊदी प्रिंस पुलवामा आतंकी हमला और पाकिस्तान में पनाह पा रहे आतंकवाद पर सख्त शब्दों में कुछ कहेंगे, जिससे पाकिस्तान के खिलाफ पूरी दुनिया में एक संदेश जाएगास लेकिन उन्होंने ऐसी कोई बात तो करना दू, पुलवामा हमले का जिक्र तक नहीं किया। बता दें कि दो दिन पहले पाकिस्तान दौरे के दौरान उन्होंने पाक सरकार के साथ 20 बिलियन डॉलर की डील पर समजौता किया।

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