'महिला आरक्षण पर देश को गुमराह कर रहे PM मोदी', कांग्रेस बोली- विपक्ष ने BJP की विभाजनकारी मंसूबों पर पानी फेर दिया है

सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नरेंद्र मोदी अचानक से आधी आबादी के मसीहा बनना चाहते हैं, लेकिन असलियत ये है कि महिला आरक्षण तो मुद्दा ही नहीं है।

मोदी राज में महज दिखावा है महिला सशक्तीकरण
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश के नाम संबोधन को लेकर कड़ा प्रहार किया है। कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नरेंद्र मोदी अचानक से आधी आबादी के मसीहा बनना चाहते हैं, लेकिन असलियत ये है कि महिला आरक्षण तो मुद्दा ही नहीं है। सच्चाई है यह है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण के पीछे छिपकर विभाजनकारी और गैर-लोकतांत्रिक परिसीमन करना चाहती है।

'बीजेपी की साजिश का पर्दाफाश'

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल (शनिवार) देश को 29 मिनट तक संबोधित किया, जिसमें 58 बार कांग्रेस का नाम लिया। मतलब हर तीसरे सेकण्ड पर पीएम मोदी कांग्रेस के नाम की माला जप रहे थे- मोदी जी का ये डर हमें अच्छा लगा। ये साफ है कि कांग्रेस पूरे साहस के साथ देश के लोगों का मुद्दा उठाती है, जिससे नरेंद्र मोदी बौखलाए और घबराए हुए हैं। कांग्रेस और विपक्ष ने पूरे देश के सामने नरेंद्र मोदी और बीजेपी की साजिश का पर्दाफाश कर दिया है, उनेक विभाजनकारी मंसूबों पर पानी फेर दिया है।" उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण पर नरेंद्र मोदी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, देश को गुमराह कर रहे हैं।


PM मोदी से सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा कि आखिर नरेंद्र मोदी 543 सीटों पर महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दे रहे हैं? क्या उन्हें डर है कि इससे संसद में पुरुषों की संख्या कम हो जाएगी?  क्या वे पुरुषों के लिए महिलाओं का हक छीन रहे हैं? उन्होंने कहा, “पूरा विपक्ष नरेंद्र मोदी से लगातार कह रहा है, सदन में विधेयक लाइए। 543 सीटों में एक तिहाई यानी 181 सीटें महिलाओं को दीजिए। विपक्ष आपका पूरा साथ निभाएगा। नरेंद्र मोदी याद रखें- महिलाएं उनकी चालबाजी समझ चुकी हैं। वे जान गई हैं कि मोदी जी खुद महिलाओं का हक छीन रहे हैं और घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।

'महिला आरक्षण के रास्ते में रोड़ा अटका रही मोदी सरकार'

कांग्रेस नेता ने कहा, "महिला आरक्षण बिल हारा नहीं है- वो संविधान का हिस्सा है। 2023 में देश के सदन ने उसे सर्वसम्मति से पारित किया है, लेकिन मोदी सरकार ने उसमें शर्तें लगा दी हैं। महिला आरक्षण के रास्ते में रोड़ा अटका रही है। मोदी सरकार को वो शर्तें हटाकर- महिलाओं को उनका हक देना चाहिए।"


पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि, ‘महिला अपना अपमान कभी नहीं भूलती।‘ इस पर श्रीनेत ने पलटवार करते हुए कहा कि, “जब भी देश में महिलाओं का अपमान और तिरस्कार हुआ है, नरेंद्र मोदी ने चुप्पी साधी और दरिंदों के साथ खड़े हो गए।“ उन्होंने हाल के कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, मणिपुर की भीड़ ने बेटियों को नोचा- मोदी चुप रहे। हाथरस में बेटी को रातों-रात जला दिया गया- मोदी चुप रहे। उन्नाव में बीजेपी एमएलए ने एक बेटी का बलात्कार किया- मोदी चुप रहे। लखीमपुर में बीजेपी नेता ने निर्वाचित महिला का चीरहरण किया- मोदी चुप रहे। महिला पहलवानों को सड़क पर घसीटा और रौंदा गया- मोदी चुप रहे। बीएचयू में बीजेपी IT सेल के लड़कों ने गैंगरेप किया- मोदी चुप रहे। बिलकिस के दोषियों को रिहा कर दिया गया- मोदी चुप रहे। अंकित भंडारी के साथ हैवानियत हुई- मोदी चुप रहे। आखिर नरेंद्र मोदी किस मुंह से महिला सम्मान की बातें कर रहे हैं?”

पीएम मोदी के भाषणों का जिक्र

श्रीनेत ने पीएम मोदी के भाषणों का जिक्र कर कहा कि देश की महिलाएं सब देख और समझ रही हैं। महिलाएं समझती हैं कि आपकी सोच कितनी महिला विरोधी है। आपको देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।

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