PM मोदी का संबोधन भारत के संविधान का घोर अपमान, BJP अपने कामों और रवैये दोनों में महिला-विरोधी: मल्लिकार्जुन खड़गे

खड़गे ने सरकार से मांग की कि 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करें। परिसीमन बिलों को महिला आरक्षण बिल के साथ जोड़ना बंद करें। यह परिसीमन बिल था, महिला आरक्षण का संशोधन नहीं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने आधिकारिक संबोधन को राजनीतिक भाषण में बदल दिया, जो कीचड़ उछालना और सरासर झूठ भरा था।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "एक हताश और निराश पीएम मोदी, जिनके पास पिछले 12 सालों में दिखाने के लिए कुछ भी ठोस नहीं है, उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन को राजनीतिक भाषण में बदल दिया। आचार संहिता पहले से लागू है, फिर भी पीएम मोदी ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर अपने विरोधियों पर हमला किया। यह लोकतंत्र और भारत के संविधान का घोर अपमान है।"

खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस का जिक्र 59 बार किया, जबकि महिलाओं का जिक्र बमुश्किल कुछ ही बार किया। इससे उनकी प्राथमिकताएं साफ हो जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि महिलाएं बीजेपी की प्राथमिकता नहीं हैं; कांग्रेस ही महिलाओं के साथ खड़ी है।


कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास करवाया था, ताकि वह लैप्स न हो जाए। लेकिन बीजेपी उस बिल को लोकसभा में पास नहीं करवा पाई। 2023 में लाए गए बिल का भी कांग्रेस ने समर्थन किया। खड़गे ने कहा कि असल बिल अभी भी मौजूद है और 16 अप्रैल को नोटिफाई किया गया था।

खड़गे ने सरकार से मांग की कि 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करें। परिसीमन बिलों को महिला आरक्षण बिल के साथ जोड़ना बंद करें। यह परिसीमन बिल था, महिला आरक्षण का संशोधन नहीं।

खड़गे ने कांग्रेस की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, अंतरिक्ष कार्यक्रम, परमाणु शक्ति, 1991 की आर्थिक उदारीकरण, आरटीआई, आरटीई, मनरेगा, और खाद्य सुरक्षा अधिनियम जैसे कई ऐतिहासिक कानून पास किए। उन्होंने हिंदू कोड बिल, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, और आपराधिक कानूनों में सुधार जैसे महिला-हितैषी कानूनों का भी उल्लेख किया।


खड़गे ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी अपने कामों और रवैये दोनों में महिला-विरोधी रही है। उन्होंने हाथरस, उन्नाव, हरियाणा की महिला पहलवानों, बिलकिस बानो और अपनी पार्टी के बलात्कारियों को बचाने के मामलों का जिक्र किया। एनसीआरबी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध सबसे ज्यादा होते हैं।

 अंत में खड़गे ने कहा कि 12.5 साल सत्ता में रहने के बाद भी सरकार के पास महंगाई, बिगड़ती अर्थव्यवस्था और जनता की तकलीफों का कोई समाधान नहीं है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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