CAA पर पीएम मोदी के बयान ने दिलाई नोटबंदी की याद, बोले- कहीं भी दिखे भेदभाव तो देश के सामने लाएं

पीएम मोदी नागरिकता संसोधन कानून पर जनता को भरोसे में लेने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस कानून में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि जाएं मेरे काम का पड़ताल करें और कहीं भी भेदभाव देखे तो देश के सामने लाएं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

देश भर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को पीएम मोदी से यह उम्मीद थी कि वे इस पर उनकी संकाओं को दूर करेंगे। उन्होंने संकाओं को ठीक तरीके से भले ही दूर नहीं किया, लेकिन कई भावनात्मक बयान जरूर दे दिए। पीएम मोदी के भावनात्मक बयानों ने नोटबंदी की याद दिला दी।

पीएम मोदी रैली को संबोधित करते हुए नागरिकता संसोधन कानून पर जनता को भरोसे में लेने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस कानून में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा, “एक ही सत्र में दो बिल पास हुए हैं। मैं दिल्ली के 40 लाख लोगों को अधिकार दे रहा हूं और यह लोग (विपक्ष) झूठ फैला रहे हैं कि मैं अधिकार छीन रहा हूं। मैं इनसे कहना चाहता हूं कि जाइए मेरे हर काम का पड़ताल कीजिए और कहीं भी भेदभाव की बू आती है तो देश के सामने लाकर रख दीजिए।’’


पीएम मोदी ने कुछ इसी तरह का बयान नोटबंदी लागू करने के बाद दिया था। 8 नवंबर, 2016 को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी ने देश में नोटबंदी की घोषणा की थी। नोटबंदी लागू होने के बाद देश भर में लोगों को परेशानी हो रही थी। मोदी सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना शुरू हो गई थी। इसके बाद 13 दिसंबर, 2016 को गोवा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास के मौके पर समरोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था, “मैंने देश से सिर्फ 50 दिन मांगे हैं, 30 दिसंबर तक का समय दीजिए। उसके बाद अगर मेरी कोई गलती निकल जाए, गलत इरादे निकल जाए, कोई कमी रह जाए तो जिस चौराहे पर खड़ा करेंगे खड़ा होजाऊंगा, देश जो सजा देगा उसे भुगतने के लिए तैयार हूं।”

पीएम मोदी के बयान के बाद भी कई महीनों तक देश की जनता को नोटबंदी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा था। पीएम मोदी को यह बयान दिए हुए तीन साल का समय बीत चुका है। नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था पर कितना बुरा असर पड़ा यह बताने की जरूरत नहीं है।

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